कटिहार की जिस जनता ने तारिक अनवर को कंधों पर बिठाकर 6 बार सांसद बनाकर संसद भेजा। उसी का दर्द समझने के लिए तारिक अनवर बाढ़ का मुआयना करने पहुंचे, लेकिन पानी और कीचड़ में पैर रखने से कहीं सफेद पैंट-शर्त और जूते गंदे न हो जाए, इसलिए तारिक फिर से जनता के कंधों पर बैठ गए।
बिहार के कटिहार (Katihar) से सांसद तारिक अनवर (Congress MP Tariq Anwar) का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में तारिक अनवर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के लिए लोगों के कंधों पर सवार होकर पानी पार करते हुए दिख रहे हैं। सफेद शर्ट, सफेद पैंट, टोपी और जूता पहने तारिक अनवर को तीन लोग कंधों पर उठाकर बाढ़ प्रभावित इलाके से निकालने की जद्दोजहद करते हुए दिखाई देते हैं। अब चुनावी बेला में इस पर सियासत भी गरमा गई है।
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने इस मामले में कांग्रेस को जमकर घेरा है। शहजाद पूनावाला ने इसे कांग्रेस सांसद का VIP मुआयना करार दिया है। शहजाद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे किसानों का अपमान करते हैं। राहुल गांधी वेकेशन मोड में रहते हैं और कांग्रेस सांसद बाढ़ का VVIP मुआयना करते हैं।
दरअसल, सांसद तारिक अनवर दो दिवसीय दौरे पर कटिहार के बरारी और मनिहारी विधानसत्रा के धुरियाही पंचायत पहुंचे थे। शुरुआत में उन्होंने ट्रैक्टर से दूर दराज का जायजा लिया, लेकिन जब बारी पानी से भरे पैदल रास्तों को पार करने की बारी आई तो वह जनता के कंधों पर बैठ गए।
तारिक अनवर का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस एक बार फिर घिर गई है। अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा कि कटिहार कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने प्रतिक्रिया दी है। सुनील ने कहा कि सांसद तारिक अनवर बाढ़ पीड़ितों की समस्या को समझने के लिए सुदूर इलाकों तक गए थे। पानी में चलने के दौरान उनकी तबीयत कुछ खराब हो गई थी। वह ठीक से चल नहीं पा रहे थे। इसलिए जनता ने उन्हें कंधों पर उठाया था।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का बयान भी आया है। उन्होंने भी कहा कि गर्मी और उमस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें मदद की पेशकश की और जलभराव वाले इलाके से बाहर निकाला।
तारिक अनवर 6 बार लोकसभा और 3 बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में तारिक अनवर ने जदयू के उम्मीदवार दुलाल चंद गोस्वामी को बड़े मार्जिन से हराया। तारिक जब महज 27 साल के थे, तब उन्होंने पहली बार कटिहार संसदीय सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि, जेपी लहर के कारण वह अपना पहला चुनाव हार गए। इसके बाद साल 1980 में वह कांग्रेस की टिकट पर दोबारा चुनाव लड़ा और जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद 1999, 2004, 2009, 2014 और 2024 के लोकसभा चुनाव में NCP और कांग्रेस की टिकट पर जीते और संसद पहुंचे। NCP ने उन्हें तीन बार राज्यसभा भेजा।
एक समय तारिक अनवर पूर्व पीएम सोनिया गांधी और संजय गांधी (इंदिरा गांधी के बेटे) के बेहद खास माने जाते थे। वह कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी के भी खास में से एक थे, लेकिन साल 1999 में उन्होंने महाराष्ट्र से आने वाले कांग्रेस नेता शरद पवार का साथ थामा और सोनिया गांधी को विदेशी मूल का बताकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह शरद पवार की नई पार्टी NCP में शामिल हो गए। साल 2018 में एक बार फिर उन्होंने कांग्रेस में वापसी की।