Copilot+ : कृत्रिम बौद्धिकता फीचर्स वाले माइक्रोसॉफ्ट के पर्सनल कंप्यूटर लॉन्चक्लाउड डाटा सिस्टम के बिना भी एआइ से जुड़े टास्क होंगे पूरे, पीसी की हर गतिविधि को महीनों बाद भी ट्रेस कर सकेंगे यूजर्स
कंप्यूटरों में कृत्रिम बौद्धिकता (एआइ) का इस्तेमाल करने के लिए अब तक क्लाउड बेस्ड एआइ प्लेटफॉम्र्स तक जाना पड़ता है। अमरीकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एआइ फीचर्स वाले कोपायलट प्लस पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च किए हैं। ये क्लाउड डाटा सिस्टम के बगैर एआइ से जुड़े टास्क पूरा करेंगे। इन कंप्यूटरों के जरिए कई काम वॉयस कमांड देकर किए जा सकेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का कहना है कि कोपायलट प्लस कंप्यूटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है। इसमें रिकॉल नाम के फीचर के जरिए यूजर कंप्यूटर की हर गतिविधि को महीनों बाद भी ट्रेस कर सकेंगे। फिलहाल कंप्यूटर की ब्राउजिंग हिस्ट्री या रिसाइकिल बिन क्लीन करने के बाद ऐसा संभव नहीं होता। कोपायलट की मदद से किसी भी तरह का डॉक्यूमेंट, वेबपेज या फाइल रिकॉल की जा सकेगी। कोपायलट प्लस की लॉन्चिंग के दौरान कंपनी ने डेमो में बताया कि इसका वॉयस असिस्टेंट कैसे रियल टाइम कोच बनकर वीडियो गेम खेलने में यूजर की मदद करता है। ऐसे असिस्टेंट का इस्तेमाल पढ़ाई और अपने कैलेंडर को अपडेट रखने में भी किया जा सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक चैटजीपीटी का ताजा वर्जन जीपीटी-4ओ भी जल्द कोपायलट प्लस का हिस्सा होगा। कोपॉयलट कंप्यूटरों की कीमत 1,000 डॉलर (करीब 83,314 रुपए) से शुरू होगी। इनकी बिक्री 18 जून से शुरू हो जाएगी। माइक्रोसॉफ्ट के मार्केटिंग हेड यूसुफ मेहदी का कहना है कि कंप्यूटर पर सीधे चलने वाले एआइ असिस्टेंस बड़ा बदलाव हैं। इससे यूजर्स को नए विकल्प मिलेंगे।
कोपायलट प्लस की लॉन्चिंग के बाद माइक्रोसॉफ्ट के पिछले साल जारी कोपायलट को लेकर यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि यह हर समय स्क्रीनशॉट लेकर जासूसी करता है। उद्योगपति एलन मस्क ने पोस्ट में इसे ‘ब्लैक मिरर’ की कड़ी बताया। उनका इशारा वेब सीरीज ‘ब्लैक मिरर’ की तरफ था, जिसमें कई लोग नई प्रौद्योगिकी की चुनौतियों से निपटते हैं।