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हमारे सैटेलाइट्स को ‘बॉडीगार्ड’ देने की तैयारियाँ तेज़, इस साल की पहली छमाही में ‘टेस्ट सैटेलाइट’ होगा लॉन्च

अंतरिक्ष में भारत के सैटेलाइट्स की सुरक्षा के लिए इस साल इसरो निजी स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। क्या है यह कदम? आइए जानते हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Mar 06, 2026

Bodyguard for satellites

Bodyguard for satellites (Representational Photo)

सुरक्षा एजेंसियों और निजी स्टार्टअप्स के सहयोग से भारत 'बॉडीगार्ड सैटेलाइट्स' विकसित कर रहा है, जो अंतरिक्ष में हमारे महत्वपूर्ण उपग्रहों के इर्द-गिर्द एक अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाएंगे। इस साल की पहली छमाही में पहला 'टेस्ट सैटेलाइट' लॉन्च करने की तैयारियाँ तेज़ कर दी गई हैं। प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें 'इसरो' के साथ-साथ निजी स्टार्टअप्स को मुख्य भूमिका दी गई है और अब सरकार इन कंपनियों के साथ बातचीत के अग्रिम चरण में है। एक बार तकनीक सफल होने के बाद सरकार खुद इस कमान को संभालेगी और बड़े पैमाने पर इन रक्षात्मक उपग्रहों का निर्माण करेगी।

भविष्य का रोडमैप 'मिशन 150'

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक 'स्पेस सिक्योरिटी पुश' का हिस्सा है। भारत अगले कुछ वर्षों में 50 से ज़्यादा 'स्पाई सैटेलाइट्स' (जासूसी उपग्रह) लॉन्च करने की तैयारी में है। आगे कुल 150 नए सैटेलाइट्स का एक सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा। देश-विदेश में नए ग्राउंड स्टेशन्स भी बनाए जाएंगे जिससे डेटा का हस्तांतरण तुरंत हो सके और विदेशी हलचल पर नजर रखी जा सके।

इसलिए है 'बॉडीगार्ड' की ज़रूरत

साल 2024 में एक अज्ञात उपग्रह भारतीय जासूसी सैटेलाइट के 1 किलोमीटर करीब आ गया था। वहीं चीन-पाकिस्तान गठजोड़ भी बड़ी चिंता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीन ने पाकिस्तान को सैटेलाइट डेटा और रडार सपोर्ट उपलब्ध कराया था। चीन के पास 1,100 से ज़्यादा सक्रिय सैटेलाइट्स हैं और वो 'किलर सैटेलाइट्स' का परीक्षण कर चुका है, जो दूसरे उपग्रहों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में भारत के लिए 'बॉडीगार्ड' सैटेलाइट काफी ज़रूरी है।

ऐसे काम करेंगे 'बॉडीगार्ड' सैटेलाइट

रोबोटिक आर्म - ये बॉडीगार्ड सैटेलाइट्स एक शक्तिशाली रोबोटिक हाथ से लैस होंगे। अगर कोई संदिग्ध विदेशी सैटेलाइट भारतीय उपग्रह के करीब आता है, तो ये उसे मजबूती से पकड़ लेंगे और धक्का देकर सुरक्षित दूरी पर ले जाएंगे।

बॉक्सिंग-इन - ये छोटे हमलावर उपग्रहों के लिए विकसित की गई तकनीक है। इसमें 'बॉडीगार्ड' सैटेलाइट दुश्मन के छोटे सैटेलाइट को चारों तरफ से घेर लेगा और उसे एक अदृश्य पिंजरे की तरह कैद कर भारतीय सीमाओं से दूर ले जाएगा।