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Delhi Air Pollution: घरों के अंदर भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक, WHO के मानकों से 20 गुना ज्यादा, जानिए कब तक राहत के आसार

Delhi Air Pollution राजधानी में वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बीच शिकागो यूनिवर्सिटी में ऊर्जा नीति संस्थान के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि राजधानी में घर के अंदर का वायु प्रदूषण स्तर काफी बढ़ गया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ये स्तर WHO के मानक से 20 गुना ज्यादा है।
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Updated: 9 Dec 2021, 1:15 PM IST
Delhi Air Pollution
Delhi Air Pollution

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ( Delhi Air Pollution ) कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हवाओं के रुख के चलते मामूली राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब भी एयर क्वालिटी खतरनाक श्रेणी में बनी हुई है। आलम यह है कि अब घरों के अंदर भी प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर होता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO के मानकों के 20 गुना ज्यादा प्रदूषण फैल गया है। दिल्ली में घर के बाहर ही नहीं अंदर भी वायु प्रदूषण अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शिकागो विश्वविद्यालय में ऊर्जा नीति संस्थान के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि राजधानी में घर के अंदर का वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है।

स्टडी के मुताबिक दिल्ली के घरों में वायु प्रदूषण विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों से 20 गुना ज्यादा है। अध्ययन में इस बात को भी बताया गया है कि पीएम 2.5 का स्तर निकटतम बाहरी सरकारी मॉनिटरों की ओर से बताए गए स्तरों से काफी अधिक था।

एयर प्यूरी फायर से सिर्फ 10 फीसदी फायदा
स्टडी में ये बात भी सामने आई है कि कम आय वाले घरों की तुलना में उच्च आय वाले घरों में एयर प्यूरीफायर रखने की संभावना 13 गुना अधिक थी, लेकिन इनडोर वायु प्रदूषण पर इसका प्रभाव सिर्फ 10 फीसदी सुधार ही दिखा।

इस वक्त बढ़ जाता है प्रदूषण
इस अध्यय में वर्ष 2018 और 2020 के बीच अलग-अलग सामाजिक आर्थिक तबके के हजारों दिल्लीवासियों के घरों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ कि पीएम2.5 का स्तर सुबह और शाम को बढ़ जाता है खास तौर पर उस वक्त जब घर में खाना पकाया जाता है।

फिलहाल चार दिन राहत
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( CPCB ) के मुताबिक अगेल 4 दिनों तक दिल्ली के लोगों को वायु प्रदूषण से कुछ राहत मिलती रहेगी। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम या खराब श्रेणी में रहने की संभावना है।

दरअसल बीते दो-तीन दिन से राजधानी में एक्यूआई में सुधार देखने को मिला है। ऐसा बर्फीली हवाओं के चलते हुआ है। बुधवार के दिन दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि ये बीते दिनों से बेहतर था।

वहीं आने वाले तीन से चार दिन तक वायु प्रदूषण का स्तर कम रहने की संभावना है। यानि दिल्लीवासियों की मुश्किल आने वाले चार दिन में एक बार फिर बढ़ सकती है।

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