
Delhi Jal Board Scam: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के घोटाले के मामले में आज पांच आरोपियों को जमानत मिल गई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत मिली थी। बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले के पांच आरोपियों को दो-दो लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी। जमानत पाने वालों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राज कुमार, पंकज वर्मा और अंकित श्रीवास्तव शामिल हैं। इन सभी को कथित DJB घोटाला मामले में आरोपी बनाया गया।
इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व चीफ इंजीनियर सतीश चंद्र वशिष्ठ को एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) की दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। उन्हें ACB ने DJB के STP टेंडर घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय वे DJB के चीफ इंजीनियर थे।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने AAP नेता सत्येंद्र जैन को गुरुवार 3 सितबंर को 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी थी। सत्येंद्र जैन को 19 अगस्त को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस मामलें में ACB ने यह आरोप भी लगाया था कि जैन ने बिना किसी तकनीकी अध्ययन के रोहिणी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता को 15 मिलियन गैलन प्रति दिन (mgd) से बढ़ाकर 30 mgd कर दिया, जिससे लागत में लगभग 123 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
यह मामला दिल्ली के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के अपग्रेडेशन के टेंडर से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि टेंडर की शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक खास कंपनी यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड को फायदा मिल सके। ACB का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर एक खास तकनीक और कंपनी के अनुकूल बनाया गया था।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस समय दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य अभियंता रहे सतीश चंद्र वशिष्ठ की इन बदलावों में क्या भूमिका थी। ACB के अनुसार, टेंडर की तकनीकी शर्तों और बाद में किए गए संशोधनों को मंजूरी देने में उनकी भूमिका की जांच जरूरी है। इसी वजह से उनको अब तक जमानत नहीं मिली।