
Devesh Chandra Thakur on Chirag Paswan: बिहार में लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की हालिया घटनाओं के बाद NDA गठबंधन के अंदर बयानबाजी तेज हो गई है। चिराग ने सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी जाहिर की थी और राज्य में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने चिराग के रुख को बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक-दो घटनाओं के आधार पर पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को विफल बताना पूरी तरह गलत है।
छेड़छाड़ की घटनाओं पर जदयू सांसद ने कहा कि हाल ही में एक-दो मामले ऐसे हुए हैं जिनमें लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की गई, शायद इसी मुद्दे पर चिराग पासवान ने अपनी राय रखी है। देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि निश्चित रूप से एक बिहारी, एक अभिभावक और एक पिता होने के नाते बेहद बुरा लगता है जब सड़क पर बच्चों या बच्चियों के साथ कोई बदसलूकी होती है। यह चिंताजनक है।
चिराग के बयान पर सवाल उठाते हुए देवेश चंद्र ठाकुर ने आगे कहा कि कुछ घटनाओं के आधार पर यह मान लेना कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है। ऐसी घटनाएं अक्सर अलग-थलग जगहों पर और ऐसे समय में होती हैं जब आम जनता, सुरक्षाकर्मी या पुलिस बल मौजूद नहीं होते। हर पल और इलाके के हर इंच पर सरकारी पुलिस तैनात करना असंभव है।
देवेश चंद्र ठाकुर ने आगे कहा कि उनका मानना है कि यह उस संस्कृति और माहौल का नतीजा है जो बिहार को पिछली सरकारों से विरासत में मिला है। सरकार को निश्चित रूप से चिराग पासवान द्वारा उठाए गए मुद्दों पर निश्चित रूप से विचार करना चाहिए। देवेश चंद्र ने कहा, "मैं भी एक गार्जियन हूं, मुझे भी लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन इसके चलते मैं इस सीमा तक जाकर यह नहीं कहूंगा कि पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था चौपट हो गई है।"
जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से SIR पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के बड़े नेता हैं, उनका टिप्पणी करना स्वाभाविक है, वे ऐसा करते रहे हैं और आगे भी करेंगे। लेकिन उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। लंबे समय से ऐसे बहुत से लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़े हुए हैं जो कानूनी रूप से इस देश के नागरिक नहीं थे।
देवेश चंद्र ठाकुर ने आगे कहा, "मैं इसका प्रत्यक्षदर्शी हूं। मैं बिहार से हूं और मैंने सीमावर्ती इलाकों, खासकर बांग्लादेश सीमा से सटे इलाकों का काफी दौरा किया है। मैंने खुद देखा है कि कैसे लोग दूसरे देश से सीमा पार करके यहां आते हैं, बस जाते हैं, छोटे-मोटे काम करते हैं और धोखाधड़ी से नागरिकता और वोटर ID हासिल कर लेते हैं। इसलिए, SIR की प्रक्रिया पूरी तरह से सही और देश के लिए जरूरी है। मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि इस प्रक्रिया का देश के चुनाव नतीजों पर किसी भी तरह का असर पड़ता है।"