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Dharmendra Pradhan: इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आया बयान, बोले- 10 दिन से बहुत दुखी था मन

Education Minister Resign: शिक्षा मंत्री ने इस्तीफे के बाद कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने शिक्षा सुधार के प्रति अपने चार दशक के समर्पण का जिक्र करते हुए कहा कि सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।
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Jul 25, 2026
Dharmendra Pradhan
Dharmendra Pradhan

CJP के प्रदर्शन पर शिक्षा मंत्री का बयान भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।

धर्मेंद्र प्रधान ने जारी किया लेटर


इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने एक लेटर जारी किया है। जिसमें कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने आगे जोड़ा कि किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पीड़ादायी थी। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले साल से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।

छात्र हमारे लिए प्राथमिकता- प्रधान


अपने लेटर में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।

पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

10 दिनों से मन दुःखी है-प्रधान


16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ। मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।

Updated on:
25 Jul 2026 02:57 pm
Published on:
25 Jul 2026 02:40 pm