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चुनावी हार के बाद DMK का एक्शन प्लान, युवाओं को मिलेगी कमान, दो कार्यकाल की सीमा तय

MK Stalin: TVK से मिली हार के बाद स्टालिन की DMK ने संगठन में बड़े बदलाव किए हैं। अब ब्रांच से लेकर टाउन पंचायत तक के पदों के लिए उम्र तय होगी और दो कार्यकाल का नियम लागू होगा।
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Updated: 23 Aug 2026, 8:11 AM IST
DMK Age Limit Policy, DMK District Reorganization, Chennai Ward Committee
हार के बाद एम.के. स्टालिन का बड़ा संगठनात्मक दांव (फोटो सोर्स- ANI)

MK Stalin: तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टी DMK ने हाल ही में मिली चुनावी हार के बाद अपने संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है। जोसेफ सी. विजय के नेतृत्व वाली नवगठित TVK के हाथों मिले चुनावी झटके के बाद, DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। पार्टी के राज्य मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में हुई कार्यकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से नौ बड़े प्रस्ताव पास किए गए, जिनका मकसद पार्टी में नए चेहरों और युवाओं को आगे लाना है।

युवाओं को जिम्मेदारी और 2 बार से ज्यादा पद नहीं

पार्टी के काम को बेहतर बनाने और नए युवाओं को आगे लाने के लिए अब नेताओं की उम्र और उनके कार्यकाल पर रोक लगा दी गई है। नए नियमों के अंदर अब केवल 45 वर्ष तक की आयु वाले युवा ही ब्रांच कमेटी सचिव बन सकेंगे। इसी तरह नगरपालिका, सिटी और टाउन पंचायत के वार्ड कमेटी सचिव पद के लिए 50 वर्ष की सीमा रखी गई है। इसके अलावा टाउन पंचायत कमेटी सचिव, एरिया सचिव और यूनियन सचिव पद के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की गई है। इन सभी पदों पर कोई भी नेता अधिकतम दो कार्यकाल (टर्म) तक ही सेवा दे पाएगा, जिससे नए कार्यकर्ताओं को लगातार मौके मिलते रहें।

78 से बढ़कर 110 हुए संगठनात्मक जिले, 'सिटी सेक्रेटरी' का पद खत्म

पार्टी के कामकाज को आसान बनाने के लिए DMK ने अपने सांगठनिक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 कर दी है। अब दो विधानसभा इलाकों को मिलाकर एक नया जिला बनाया जाएगा। इसके अनुसार मोटे तौर पर दो विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर एक नया संगठनात्मक जिला बनाया जाएगा।
इसके अलावा पार्टी ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए कोयंबटूर और तांबरम जैसे बड़े शहरों में 'सिटी सेक्रेटरी' के पद को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब शहरों में वार्ड और कमेटियां वोटों की संख्या के हिसाब से बनेंगी। चेन्नई में एक कमेटी के नीचे लगभग 40,000 वोटर होंगे, जबकि बाकी नगर निगमों में 30,000 वोटरों पर एक कमेटी बनेगी।

'हार से घबराना नहीं, गलतियों से सीखना है'- स्टालिन

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन ने कहा कि यह सिर्फ एक चुनाव की हार है, कोई स्थायी पराजय नहीं। उन्होंने खुले दिल से स्वीकार किया कि पार्टी पदाधिकारियों की कार्यशैली भी इस हार का एक बड़ा कारण रही है। स्टालिन ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की चूक का नुकसान 75 साल पुरानी ऐतिहासिक पार्टी को भुगतना पड़ता है। इसलिए केवल कुछ चेहरों को बदलने के बजाय पूरे सांगठनिक ढांचे का गहराई से आत्ममंथन करना ही पार्टी के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

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23 Aug 2026, 8:11 AM IST
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