
Paradip Ship Accident: समंदर में अचानक गायब हुआ चीन जाने वाला जहाज, लाइफबोट में फंसे हैं 24 लोग? रेस्क्यू ऑपरेशन तेज प्रतिकारात्मक फोटो (फोटो सोर्स: ANI)
Paradip Port Ship Missing: ओडिशा के पारादीप तट से करीब 200 नॉटिकल मील दूर बंगाल की खाड़ी में चीन जा रहा एक मालवाहक जहाज अचानक संपर्क से बाहर हो गया। जहाज पर 24 लोग सवार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने समुद्री खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। शुरुआती जानकारी में जहाज के गहरे समुद्र में डूबने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
पारादीप पोर्ट अथॉरिटी से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जहाज 20 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे पारादीप बंदरगाह से चीन के लिए रवाना हुआ था। इसमें लगभग 1,700 टन आयरन ओर फाइन्स लदा था। सफर के दौरान करीब 200 नॉटिकल मील दूर पहुंचने के बाद जहाज से संपर्क टूट गया।
जानकारी सामने आने के बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने संभावित स्थान पर खोज अभियान शुरू किया है। तटरक्षक बल के पारादीप यूनिट के डीआईजी संजय नेगी के अनुसार, अभियान में अंडमान एवं निकोबार यूनिट की टीमें भी जुटी हैं। बचाव दल के मौके तक पहुंचने की प्रक्रिया जारी है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार जहाज में कुल 24 क्रू सदस्य थे। इनमें 20 चीनी नागरिक, एक बांग्लादेशी और तीन म्यांमार के नागरिक शामिल बताए गए हैं। हालांकि जहाज का नाम, IMO नंबर, चालक दल की अंतिम आधिकारिक सूची और दुर्घटना की सटीक वजह की पुष्टि अभी संबंधित एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जहाज गहरे पानी में डूब सकता है और क्रू के सदस्य लाइफ जैकेट तथा लाइफबोट के सहारे समुद्र में इंतजार कर रहे हो सकते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
खोज अभियान को तेज करने के लिए समुद्र में मौजूद अन्य जहाजों को भी अलर्ट किया गया है। उन्हें संदिग्ध क्षेत्र में किसी भी तरह की हलचल, लाइफबोट या संकट में फंसे लोगों की सूचना तत्काल देने को कहा गया है।
बंगाल की खाड़ी में समुद्री यातायात के लिए यह इलाका महत्वपूर्ण है, क्योंकि पारादीप भारत के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है और यहां से लौह अयस्क समेत बड़ी मात्रा में खनिज व औद्योगिक माल का अंतरराष्ट्रीय परिवहन होता है। ऐसे में लापता जहाज की तलाश के साथ यह पता लगाना भी अहम होगा कि संपर्क किन परिस्थितियों में टूटा और क्या खराब मौसम, तकनीकी समस्या या समुद्री स्थिति हादसे की वजह बनी।
Updated on:
23 Aug 2026 08:45 am
Published on:
23 Aug 2026 08:38 am
