
Jharkhand Illegal Mining Case: झारखंड के अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय की टीम को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी। ईडी की टीम ने आज झारखंड के साहेबगंज जिले से एक पोत (जहाज) को सीज किया। इस जहाज का इस्तेमाल अवैध खनन के बाद पत्थरों को इधर से उधर ले जाने में किया जाता था। इस पोत की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए आंकी गई है। बता दें कि साहिबगंज में ईडी की जांच पिछले तीन दिनों से जारी है।
बुधवार सुबह ईडी की टीम करीब 11 बजे साहिबगंज जिला खनन कार्यालय पहुंची और जांचकर आवश्यक दस्तावेज जुटाए। इसके बाद ईडी की टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ क्रशर प्लांट व माइंस की जांच करने पहुंचे। इसी जांच के दौरान ईडी टीम ने एमवी इंफ्रालिंक- III नामक एक पोत को जब्त किया। इस पोत को सुकरगढ़ घाट, साहेबगंज से बिना परमिट के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
पंकज मिश्रा का करीबी राजेश यादव चलवाता था पोत-
मिली जानकारी के अनुसार इस पोत का संचालन राजेश यादव उर्फ दाहू यादव करवाता था। बता दें कि राजेश यादव को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का दाहिना हाथ माना जाता है। अवैध खनन की जांच में जुटी ईडी की टीम पंकज मिश्रा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब उसके करीबी का पोत जब्त किया गया है।
पंकज मिश्रा व अन्य के खाते के 11.88 करोड़ रुपए हो चुके सीज-
बताते चले कि मामले की जांच में जुटी ईडी टीम ने हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था। ईडी ने पंकज मिश्रा, दाहू यादव और उसके सहयोगियों के बैंक खातों में रखे गए 11.88 करोड़ रुपए भी सीज किए थे। मामले में ईडी की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि इस जांच की आंच में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन भी आ सकते हैं। क्योंकि अभी तक इस केस में सबसे बड़ा मास्टरमाइंड बनकर उनका करीबी पंकज मिश्रा ही सामने आया है।