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नीतीश कुमार की बढ़ी टेंशन! शिंदे के साथ आए उद्धव गुट के 6 सांसद तो NDA में घट जाएगा JDU का कद, जानें कैसे

NDA Politics: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के बागी होने के बाद अब शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों के भी एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की चर्चा तेज है। इन सांसदों के पार्टी बदलने की अटकलों के बीच एनडीए और संसद में दलों की ताकत को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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भारत

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Ashib Khan

Jun 18, 2026

NDA Politics

नीतीश कुमार (बाएं) और नितिन नवीन (Photo-IANS)

Shiv Sena UBT 6 MPs Rebellion News: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के बागी होने के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना के 6 सांसदों के टूटने की भी चर्चा तेज हो गई है। अटकलें लगाई जा रही है कि ये 6 सांसद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के संपर्क में है और जल्द ही विलय भी कर लेंगे। एकनाथ शिंदे एनडीए गठबंधन में सहयोगी है। यदि उद्धव गुट के 6 सांसद शिवसेना में शामिल होते है, तो दिल्ली में शिवसेना की ताकत बढ़ जाएगी। वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) का वर्चस्व कम हो जाएगा।

सदन में बढ़ जाएगी ताकत

लोकसभा में जदयू के 12 सांसद है और छठी सबसे बड़ी पार्टी है। वहीं एनडीए की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की पार्टी के 7 सांसद है। यदि उद्धव गुट के 6 सांसद शिवसेना में शामिल हो जाते है, तो पार्टी में सांसदों की संख्या 13 हो जाएगी, जो कि जदयू से ज्यादा है। इस तरह वह सदन में शिवसेना के जदयू से ज्यादा सांसद हो जाएंगे।

बिहार में भी घटी ताकत

बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद एनडीए ने नीतीश कुमार को सीएम बनाया। हालांकि इसके कुछ महीने बाद नीतीश ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। एनडीए ने नीतीश को राज्य सभा भेज दिया। बाद में सम्राट चौधरी को सीएम बनाया गया। इस तरह बिहार में मैन पावर अब बीजेपी के पास है।

TMC सांसदों ने NCPI में किया विलय

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी इस समय सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। विधानसभा में पार्टी टूटने के बाद अब संसद में टूट गई है। पार्टी के 20 सांसद बागी हो गए, जिसमें युसुफ पठान और सायोनी घोष का नाम भी शामिल है। इन सांसदों ने NCPI मे विलय करने का ऐलान किया है और एनडीए को समर्थन देने की बात कही है। 

अचानक चर्चाओं में आई एनसीपीआई के पास अब 20 सांसद हो जाएंगे और वह संसद में पांचवीं बड़ी पार्टी बन जाएगी। इसके अलावा एनडीए की दूसरी बड़ी सहयोगी पार्टी हो जाएगी। 

बैठक में नहीं पहुंचे 6 सांसद

बता दें कि शिवसेना यूबीटी की गुरुवार को बैठक हुई थी। पार्टी के 9 में से 6 सांसद इस बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके बाद एक बार फिर अटकलें तेज हो गई कि उद्धव की पार्टी टूट सकती है। जो सांसद बैठक में नहीं पहुंचे वे- संजय दिना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव हैं।