
Odisha Weather: आसमान से आफत! पूरे ओडिशा में Red Alert, 236mm बारिश से मचा हाहाकार (फोटो सोर्स: ANI)
Odisha Rainfall Red Alert,: ओडिशा में मानसून ने अचानक बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और संगठित होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ओडिशा के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड वार्निंग जारी किया है। बालासोर और मयूरभंज में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है, जहां जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर में बना कम दबाव का क्षेत्र अब Well Marked Low Pressure Area में बदल चुका है। IMD के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल से होकर झारखंड की तरफ जा सकता है और अगले कुछ घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव बारिश की तीव्रता और प्रभावित इलाकों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
IMD ने गुरुवार को ओडिशा के लिए बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड वार्निंग जारी किया है। रेड वार्निंग का मतलब है कि प्रशासन और आम लोगों को मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। IMD की चेतावनी प्रणाली में रेड रंग का अर्थ कार्रवाई के लिए तैयार रहने से है।
बारिश की सबसे भयावह तस्वीर उत्तर ओडिशा के जिलों से सामने आ रही है। मौसम केंद्र, भुवनेश्वर के आंकड़ों के मुताबिक भोगराई में 236 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद श्यामाखुंटा में 230 मिमी, बारीपदा में 215 मिमी और राजघाट में 204 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
बालासोर शहर में गुरुवार सुबह 5:30 बजे तक 137 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार पानी बरसने से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं मयूरभंज के सिमिलिपाल पहाड़ियों में भी बेहद भारी बारिश की सूचना है।
बारिश का असर अब नदियों पर भी दिखने लगा है। मयूरभंज में हुई तेज बारिश के बाद बुढ़ाबलंगा और जलका नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है।
लगातार बारिश को देखते हुए मयूरभंज जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को हालांकि अपने संस्थानों में उपस्थित रहने और छात्रों तथा अभिभावकों तक छुट्टी की सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने सूचना पहुंचाने के लिए स्कूलों के व्हाट्सऐप ग्रुप, फोन कॉल और SMS जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा है। यह कदम खास तौर पर उन इलाकों में अहम है जहां भारी बारिश के कारण सड़क संपर्क और सामान्य आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है। 14 अगस्त तक उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा-पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा तट पर हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा IMD की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
इस मौसम प्रणाली का असर ओडिशा तक सीमित रहने वाला नहीं है। सिस्टम के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है।
पश्चिम बंगाल में भी कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। IMD के अनुसार कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश और अलग-अलग इलाकों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है।
यानी अगले चरण में इस सिस्टम का असर पूर्वी भारत के बड़े हिस्से पर दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार सिस्टम की दिशा और उसकी ताकत पर नजर बनाए हुए है।
पूर्वी भारत में जहां बारिश का रूप बेहद गंभीर है, वहीं दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत हल्का लेकिन उमस भरा बना हुआ है। राजधानी में बादल छाए रहने और शाम या रात के समय हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 से 36 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD के अनुसार दिल्ली-NCR में 16 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
Updated on:
13 Aug 2026 12:51 pm
Published on:
13 Aug 2026 12:51 pm
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