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लोकसभा में 19 और राज्यसभा में 39 फीसदी हुआ काम, 12 बिल पारित; रिजिजू बोले- चर्चा से भागता रहा विपक्ष

संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया और बताया कि लोकसभा में 19 फीसदी तथा राज्यसभा में 39 फीसदी ही कामकाज हो सका।
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भारत

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kamlesh sharma

Aug 13, 2026

Union Minister Kiren Rijiju

Union Minister Kiren Rijiju (photo ANI)

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र विपक्ष के भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के समापन पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार विपक्ष सदन में मुद्दों पर चर्चा करने से भागता नजर आया, जिसके कारण संसदीय उत्पादकता बुरी तरह प्रभावित हुई।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा कि विधायी कामकाज के लिहाज से यह सत्र सफल रहा, क्योंकि इस दौरान दोनों सदनों से कुल 12 विधेयक पारित किए गए। हालांकि, डिबेट और चर्चा के दृष्टिकोण से यह सत्र निराशाजनक रहा।

लोकसभा में 19 और राज्यसभा में 39 फीसदी काम

संसदीय कार्य मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि लगातार होते व्यवधान के कारण लोकसभा में कुल आवंटित समय की महज 19 प्रतिशत और राज्यसभा में 39 प्रतिशत ही उत्पादकता दर्ज की गई। रिजिजू ने कहा कि अपने लंबे संसदीय अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब विपक्ष खुद चर्चा से दूर भाग रहा था। उन्होंने कहा कि विपक्ष के वॉकआउट और नारेबाजी के बावजूद एनडीए के घटक दलों और कुछ अन्य विपक्षी सांसदों ने विधायी प्रक्रियाओं में भाग लिया।

लोकसभा में किस विधेयक पर हुई चर्चा?

रिजिजू ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर रोक लगाने के मकसद से लाया गया 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक' दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा के बाद पारित किया गया। लोकसभा में इसी एकमात्र विधेयक पर विपक्ष के साथ पूर्ण रूप से चर्चा हो सकी।

संसद परिसर में मकर द्वार पर आमने-सामने आए सांसद

सत्र के अंतिम दिन भी संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक गरमाहट बनी रही। एक ओर जहां दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए, वहीं संसद परिसर स्थित मकर द्वार की सीढ़ियों पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के सांसदों के बीच जोरदार विरोध और जवाबी प्रदर्शन देखने को मिला।