
प्रदर्शन करते छात्र। फाइल फोटो- आईएएनएस
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक शासन निर्णय जारी किया। शासन निर्णय के अनुसार ऐसे मामलों को वापस लेने की समय सीमा 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। यह विस्तार उन राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामलों पर भी लागू होगा, जिनमें बढ़ाई गई समय सीमा तक आरोप-पत्र दाखिल किया जाना आवश्यक है।
सरकार के इस फैसले से नीट पेपर लीक आंदोलन में शामिल छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। नीट पेपर लीक के विरोध में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। मुंबई में भी हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 18 जुलाई से लगातार सात दिनों तक चले इन प्रदर्शनों के दौरान मुंबई पुलिस ने गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 16 प्राथमिकी दर्ज की थीं।
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) तथा 135 के तहत कार्रवाई की गई थी। प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी के लिए तय प्रक्रिया के तहत पुलिस की जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया जाता है। इसके बाद सरकार मामले वापस लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। जिन मामलों में अभी तक आरोप-पत्र दाखिल नहीं हुआ है, उनमें पुलिस अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश करने के बाद भी मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने महाराष्ट्र, खासकर मुंबई में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामलों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर को प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गृह विभाग ने संबंधित मामलों की जानकारी जुटाने और उनकी स्थिति की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू की है। सरकार के फैसले के बाद अब प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों में आगे की कार्रवाई तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी। समय सीमा बढ़ाए जाने से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए विभागों को अतिरिक्त समय भी मिल गया है।
Updated on:
13 Aug 2026 02:44 pm
Published on:
13 Aug 2026 02:44 pm
