
प्रतीकात्मक तस्वीर
चंडीगढ़। यूरोपीय देश इटली में रोजगार दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर पंजाब के तीन युवकों को कथित तौर पर अगवा किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि युवकों को इटली ले जाने के बजाय दुबई के रास्ते पूर्वी अफ्रीका भेज दिया गया, जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। अपहरणकर्ताओं ने तीनों युवकों की रिहाई के बदले 70,000 अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी है।
मामला सामने आने के बाद कथित तौर पर अपहृत हुए युवक राकेश कुमार के पिता कश्मीर लाल ने मदद की गुहार लगाई। इसके बाद राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने मामले में हस्तक्षेप किया है। सांसद ने कहा कि वह इस गंभीर मामले को विदेश मंत्रालय और पंजाब पुलिस के समक्ष उठा रहे हैं। उन्होंने तीनों युवकों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक राकेश कुमार के साथ सुरिंदर और अवतार नाम के दो अन्य युवक 4 अगस्त को भारत से रवाना हुए थे। तीनों को इटली में रोजगार दिलाने और बेहतर भविष्य का भरोसा दिया गया था।
परिवारों का कहना है कि उन्हें इटली पहुंचाने का वादा किया गया था, लेकिन युवकों को दुबई से केन्या और फिर युगांडा की ओर भेज दिया गया। इसके बाद परिजनों से संपर्क कर उन्हें बंधक बनाए जाने और फिरौती की रकम की मांग किए जाने की जानकारी दी गई। परिवारों का आरोप है कि तीनों युवकों को एक अपहरणकर्ता गिरोह के हवाले कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार युवकों के साथ मारपीट भी की जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद परिवारों में चिंता का माहौल है और वे लगातार युवकों की सुरक्षित वापसी की कोशिश कर रहे हैं।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पंजाब का रहने वाला एक एजेंट फिलहाल इटली में मौजूद है। विदेश भेजने के नाम पर इस एजेंट को करीब 9.5 लाख रुपए अग्रिम दिए गए थे। दो युवकों ने दुबई में इस एजेंट से मुलाकात भी की थी। परिवारों का आरोप है कि इसके बाद युवकों को इटली भेजने के बजाय धोखे से अफ्रीकी देशों की ओर रवाना कर दिया गया। सांसद सतनाम सिंह संधू ने इस घटना को पंजाब के युवाओं को विदेश भेजने वाले अवैध ट्रैवल नेटवर्क की गंभीर सच्चाई बताया है। उन्होंने सरकार से ऐसे एजेंटों और उनके पीछे काम कर रहे बहुराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Updated on:
11 Aug 2026 07:55 pm
Published on:
11 Aug 2026 07:46 pm
