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Jharkhand Protest: छात्र नेता की CM हेमंत सोरेन से सीधी बातचीत की मांग, बोले- छात्रों की बात खुद सुनें

Jharkhand Students Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत कर छात्रों की मांगें सुनने की अपील की है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन में उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई और निर्दोष छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 13, 2026

Jharkhand Recruitment Exam Protest

झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी है (Photo-IANS)

Jharkhand Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच छात्र नेता रविंद्र पासवान ने सीएम हेमंत सोरेन से छात्रों की मांग पर सीधे बातचीत में शामिल होने की अपील की है। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन में उपद्रव फैलाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की। 

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि यदि बातचीत में सीएम हेमंत सोरेन सीधे शामिल होते हैं तो इससे छात्रों में भरोसा बढ़ेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा।

‘सीएम को सुननी चाहिए छात्रों की बात’

रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्रों की सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है। इस दौरान उन्होंने तर्कों और तथ्यों के साथ अपनी मांगें रखीं। छात्र नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।

उपद्रव करने वालों की पहचान की मांग

इस दौरान पासवान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था फैलाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गतिविधियों के लिए पूरे छात्र समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जानी चाहिए थी। 

राजनीतिक रंग देने से दूरी

छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सभी पक्षों से नैतिक समर्थन चाहिए, लेकिन छात्र किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं बनना चाहते।

पासवान के मुताबिक, आंदोलन स्थल पर कांग्रेस के नेताओं के अलावा सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधि भी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश महसूस हुई, छात्र उससे दूरी बनाते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते। हमें सभी का आशीर्वाद और नैतिक समर्थन चाहिए। हमने खुले मंच से भी यही बात कही है।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ छात्रों की एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा से जुड़ी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हो जाता।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों की स्थिति की संवेदनशीलता को समझने और उनकी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की।

पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलन के पहले दिन से ही इसे कमजोर करने के प्रयास किए गए, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।