
भारतीय वायुसेना ने स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा । (Photo Credit- X/@retrdvirat)
Kargil War Heroes: कारगिल युद्ध के 27 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसकी यादें आज भी धुंधली नहीं हुई हैं। पाकिस्तान द्वारा अप्रत्याशित रूप से थोपे गए इस युद्ध में कई भारतीय जवानों ने अपनी शहादत दी थी। आज भी उनके पराक्रम के किस्से सुनकर आंखें भर आती हैं। इन्हीं वीरों में से एक थे स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा, जिनके शौर्य और जांबाजी के किस्से सुनकर हम भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
पाकिस्तान की ओर से 1999 में थोपे गए कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन सफेद सागर' लॉन्च किया था। भारतीय वायुसेना के इस ऑपरेशन का मकसद लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी सैनिकों की स्थिति का पता लगाना था। भारतीय वायुसेना ने स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को LoC पर पाकिस्तानी सेना की स्थिति की जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी दी थी।
अजय आहूजा मिग-21 लड़ाकू विमान के साथ उड़ान भरते हुए अपने मिशन में जुटे हुए थे। इसी दौरान उन्हें तत्कालीन फ्लाइट लेफ्टिनेंट के नचिकेता के बारे में जानकारी मिली। अजय आहूजा को उनकी तलाश के लिए भेजा गया था। नचिकेता बाल्टिक सेक्टर में हमले के लिए गए थे, लेकिन उनके विमान का इंजन बंद हो जाने के बाद वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा उसी जगह के ऊपर उड़ान भर रहे थे, जहां मिग-27 का मलबा गिरा था। वह बचाव के लिए आए हेलीकॉप्टर पायलट के संपर्क में भी थे। इसी दौरान उनका लड़ाकू विमान नीचे आया और संभवतः पाकिस्तानी सेना की स्टिंगर मिसाइल की चपेट में आ गया। इसके बावजूद उन्होंने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने विमान को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर ग्लाइड करते हुए नीचे लाया, अपना स्थान बताया और फिर पैराशूट से बाहर निकल गए। हालांकि, जमीन पर उतरने के बाद उन्हें पाकिस्तानी सैनिकों ने पकड़ लिया।
पूर्व भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि पाकिस्तान ने स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को पकड़ने के बाद गोली मार दी थी। हालांकि, पाकिस्तान आज तक इस बात को स्वीकार नहीं करता है। पाकिस्तान का कहना था कि नीचे गिरते समय ही उनकी मौत हो गई थी।हालांकि, बीएस धनोआ का कहना है कि श्रीनगर में अजय आहूजा का पोस्टमार्टम कराया गया था, जिसमें खुलासा हुआ कि उन्हें दो गोलियां लगी थीं। एक गोली उनके गले के पास और दूसरी छाती पर लगी थी। बीएस धनोआ का मानना था कि पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें करीब से गोली मारी थी।स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को मरणोपरांत उनकी बहादुरी के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
नेटफ्लिक्स पर शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को लेकर वेब सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' रिलीज हुई है। सीरीज में 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के अदम्य साहस और अभियानों को दिखाया गया है। हालांकि यह सीरीज स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के ताबूत पर भारतीय ध्वज को गलत तरीके से दिखाए जाने के कारण भी विवादों के केंद्र में आ गई है।
Updated on:
13 Aug 2026 12:03 pm
Published on:
13 Aug 2026 12:00 pm
