
Parliament monsoon session :राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ‘चोर आया, चोर आया’ के नारों से संसद परिसर का माहौल गरमा गया (फोटो सोर्स: ANI)
Ram Temple Donation Case: मानसून सत्र का आखिरी दिन भी संसद में शोर, नारेबाजी और सियासी टकराव के नाम रहा। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना साधा और ‘चोर आया, चोर आया’ के नारे लगाए। दूसरी ओर NEET विवाद और छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ। गृह मंत्री अमित शाह की चर्चा की पेशकश के बावजूद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।
मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। ‘चोर आया, चोर आया’ के नारों से संसद परिसर का माहौल गरमा गया।
यह मामला अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान की रकम की कथित हेराफेरी के आरोपों से जुड़ा है। जांच में मंदिर में दान की रकम की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल सामने आने की खबरें पहले सामने आ चुकी हैं।
हालांकि, इस मामले को लेकर विपक्ष के राजनीतिक आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी व्यक्ति या संस्था की आपराधिक जिम्मेदारी अंतिम रूप से जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगी।
संसद के इस सत्र में NEET और छात्र आंदोलन लगातार विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में रहे। विपक्षी दल छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगते रहे।
सत्र खत्म होने से ठीक पहले गृह मंत्री अमित शाह ने NEET और छात्र आंदोलन पर विस्तृत चर्चा के लिए सरकार की ओर से तैयार होने की बात कही। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब देने की इच्छा जताई और सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं होने का दावा किया।
लेकिन विपक्ष ने सरकार की इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से चर्चा के तरीके और समय को लेकर सवाल उठाए गए। इससे आखिरी दिनों में भी सदन की कार्यवाही सामान्य तरीके से चलाने की कोशिशों को झटका लगा।
छात्रों के मुद्दे को लेकर संसद में जारी सियासी घमासान के बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से सरकार से उनकी बात सुनने की मांग कर रहे थे, लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को सुनने और जवाब देने की तैयारी दिखाई, तो राहुल गांधी पीछे क्यों हट गए? प्रसाद ने रांची में छात्रों से जुड़े मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या राहुल गांधी के पास गरीब बच्चों की समस्याएं सुनने का समय नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेता पर छात्र मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र 19 दिन चला और सरकार के पास 25-26 दिन का समय था, लेकिन उस दौरान यह मुद्दा याद नहीं आया। खड़गे ने आरोप लगाया कि अब जब वंदे मातरम् और जन गण मन का मुद्दा उठाया जा रहा है, तो यह केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 19 दिन बर्बाद किए और अब सत्र बढ़ाने की मांग करना शर्मनाक है।
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद की कार्यवाही को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब दें, लेकिन सत्ता पक्ष सदन चलने नहीं दे रहा। प्रतापगढ़ी ने कहा कि भाजपा की ओर से राहुल गांधी के सदन में आने की मांग की जा रही है, जबकि वह रोज संसद पहुंच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि परीक्षा संशोधन कानून पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आए।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने संसद के मौजूदा माहौल को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदन का वातावरण लगातार खराब होता जा रहा है और यह बेहद आपत्तिजनक है। कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गृह मंत्री से सवाल पूछते हैं, लेकिन विपक्ष गृह मंत्री को बोलने नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी चर्चा तो कभी जवाब की मांग कर रहा है और अपनी ही बातों में उलझा हुआ है। कंगना के मुताबिक, विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
Updated on:
13 Aug 2026 11:55 am
Published on:
13 Aug 2026 11:43 am
