
Complan Misleading Claims: त्योहारी सीजन में खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों की बिक्री काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस दौरान ग्राहकों को भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों से बचाने के लिए एफएसएसएआई ने कड़ा रुख अपनाया है। एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और भ्रामक दावों के खिलाफ फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को नोटिस जारी किए हैं। इसमें मुख्य रूप से शिशु आहार बेचने वाली कंपनियां शामिल हैं।
एफएसएसएआई ने ज़ायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Zydus Wellness) को उसके प्रोडक्ट 'कॉमप्लेन' के विज्ञापनों पर नोटिस जारी किया है। कंपनी अपने लेबल और विज्ञापनों पर दोगुनी तेजी से ग्रोथ का दावा किया है। इसके अलावा कंपनी एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने में मदद करने का दावा करती है।
कंपनी यह भी कहती है कि उसके इस उत्पाद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले 34 जरूरी पोषक तत्व शामिल हैं। ऐसे में नियमों का उल्लंघन देखते हुए एफएसएसएआई ने कंपनी से इन दावों का वैज्ञानिक प्रमाण मांगा है। साथ ही पूछा है कि FSS एक्ट 2006 के तहत उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए।
नेस्ले इंडिया को उसके बेबी प्रोडक्ट 'लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर' की पैकेजिंग और विज्ञापन के लिए नोटिस दिया गया है। प्रोडक्ट पर लिखा गया है कि इसमें वेय प्रोटीन (Whey Protein) है जो पचाने में आसान होता है। एफएसएसएआई ने नेस्ले से इसका वैज्ञानिक सबूत पेश करने को कहा है कि यह प्रोटीन वाकई में पचाने में आसान कैसे है।
इसके अलावा नेस्ले के ही दूसरे शिशु आहार 'नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1' में दावा किया गया है कि यह इम्यून सिस्टम को सही रखने में मदद करते हैं। एफएसएसएआई के मुताबिक, बिना अनुमति किसी बीमारी या शारीरिक स्थिति से बचाव का दावा करना नियमों के खिलाफ है। इस मामले में भी कंपनी से तय समय में जवाब मांगा गया है।