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बिहार में निजी मदरसे में समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत

Food Poisoning Case: बिहार के सुपौल जिले में एक निजी मदरसे में समोसा और मिठाई खाने के बाद चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इनमें से एक 10 वर्षीय छात्रा की मौत हो चुकी है।
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Sep 08, 2026
bihar madarsa news
बिहार में निजी मदरसे में समोसा खाने से चार छात्राओं की सेहत खराब, एक की मौत

Supaul Police Investigation: बिहार के सुपौल जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सुपौल सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड नंबर-19 में स्थित एक निजी मदरसे में चार छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद सभी को सुपौल शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। इनमें से इलाज के दौरान नेमुआ निवासी 10 वर्षीय अल्फिशा पुत्री कमरे आलम की मौत हो चुकी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

समोसा और मिठाई खाने के बाद बिगड़ी हालत

मदरसा प्रबंधन के अनुसार, सोमवार को अल्फिशा की मां उससे मिलने आई थीं। वह बच्ची के लिए मिठाई और समोसा लेकर आई थीं। उनके जाने के बाद इसे खाने वाली चार छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। समोसा और मिठाई खाने के बाद आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा बेहोश हो गईं। मदरसा प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए निजी चिकित्सक के पास पहुंचाया। लेकिन उपचार के दौरान अल्फिशा ने दम तोड़ दिया। मृत बच्ची के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मदरसे पहुंच गई। पुलिस ने परिसर का निरीक्षण किया और संचालक खलील रहमान तथा वहां मौजूद शिक्षकों से पूछताछ की। सदर एसडीपीओ ने भी प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस खाने की गुणवत्ता और छात्राओं के बीमार होने की वजह समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मदरसे में रहती हैं 60 से अधिक छात्राएं

मदरसा प्रबंधन के मुताबिक, यहां करीब 60 से 65 छात्राएं आवासीय रूप से रहकर पढ़ाई करती हैं। यह संस्था लगभग दो वर्षों से चल रही है। मृतक छात्रा भी करीब डेढ़ से साल से इसी परिसर में रह रही थी। अन्य बीमार छात्राओं का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू ने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय की टीम मदरसे के दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि संस्था को छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति है या नहीं और नियमों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं।

Updated on:
08 Sept 2026 05:45 pm
Published on:
08 Sept 2026 05:17 pm