
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (फोटो- Lalu Prasad yadav)
Lalu Yadav on Bihar Flood: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति और राज्य सरकार के खजाने को लेकर केंद्र की NDA सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए, लालू यादव ने बिहार के अधिकारों के लिए सड़कों से लेकर संसद तक किए गए अपने पुराने संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि आज जब राज्य में राजकोषीय तनाव अपने चरम पर है, तब केंद्र में एनडीए के 30 सांसद होने के बाद भी दिल्ली के गलियारों में बिहार के हितों का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है।
लालू प्रसाद यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार के लोगों के अधिकारों के लिए सबसे मुखर लड़ाई लड़ी है, चाहे वे सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा रहे हों या विपक्ष का। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र सरकार में बिहार से एक दर्जन कैबिनेट मंत्री थे, लेकिन जब बिहार में RJD की सरकार थी तो भाजपा के नेताओं ने बिहार को उसके हक का बजट कभी नहीं मिलने दिया। उन्होंने कहा कि राज्य को फंड मिलने से रोकने के लिए पंचवर्षीय योजनाओं में भी बाधाएं डाली गईं और उस समय राज्यों को सीधे कर्ज लेने की अनुमति नहीं थी।
RJD प्रमुख ने बताया कि 2004 में जब RJD के 24 सांसद चुने गए और उन्होंने रेल मंत्री का पद संभाला, तो उन्होंने UPA-1 कार्यकाल (2004–2009) के दौरान अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके बिहार के लिए ऐतिहासिक वित्तीय सहायता हासिल की। लालू यादव ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से विकास कार्यों के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर करवाई थी।
लालू यादव ने आरोप लगाया कि 2005 के बाद नीतीश कुमार ने उसी केंद्रीय पैकेज का पूरा फायदा उठाकर अपनी छवि चमकाई, जबकि BJP के नेतृत्व वाली कैबिनेट में रहने के दौरान नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में कभी कोई योगदान नहीं दिया था।
लालू यादव ने कहा कि केंद्र में 'NDA-3' और बिहार में 'NDA-5' की डबल-इंजन सरकार है। बिहार से NDA के 30 सांसद होने के बावजूद, राज्य के जायज हकों के लिए कोई आवाज नहीं उठा रहा है। 2011 की संसदीय कार्यवाही का एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ सत्ता के लिए अपनी रणनीति, स्वभाव या अपनी सार्वजनिक छवि नहीं बदलते। उन्होंने कहा कि 2011 में जब केंद्र में UPA-2 की सरकार थी और बिहार में नीतीश-BJP गठबंधन की सरकार थी, तब भी वे बिहार के अधिकारों के लिए केंद्र की यूपीए सरकार से डटकर लड़े थे।
RJD प्रमुख ने कहा कि चुनाव और आपदाओं के समय मुफ्त चीजों की घोषणा करने और दो किलो अनाज का लालच देने का चलन बंद होना चाहिए। जननायक कर्पूरी ठाकुर की विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार नदियों के रखरखाव को लेकर नेपाल सरकार के साथ सीधे बातचीत करे। लालू यादव ने कहा कि भले ही बिहार के युवा राज्य के बाहर काम करते हैं और अपनी मेहनत की कमाई बैंकों में जमा करते हैं, फिर भी राज्य का क्रेडिट-डिपॉज़िट रेश्यो (CDR) देश में सबसे कम है।
Updated on:
08 Sept 2026 05:10 pm
Published on:
08 Sept 2026 05:10 pm
