
Harish Rawat on Amit Shah : देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर घुसपैठियों को बचाने के आरोपों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को शाह पर पलटवार करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र में पिछले 10-11 वर्षों से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है, तो घुसपैठ और आतंकवाद को लेकर राहुल गांधी से सवाल करने का क्या मतलब है?
हरीश रावत ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा केंद्र सरकार के हाथ में है। सरकार घुसपैठ रोकने के लिए चाहे जितने सख्त कदम उठाए, कांग्रेस उन कार्रवाइयों का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि यदि घुसपैठ बढ़ रही है और कश्मीर में आतंकवाद अब भी कायम है, तो सवाल उन लोगों से पूछे जाने चाहिए जो पिछले 10-11 वर्षों से सत्ता में हैं। रावत ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को वापस क्यों नहीं भेजा जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने कहा था कि लोगों ने कांग्रेस की रणनीति को समझ लिया है और वे उसके झांसे में नहीं आएंगे। उन्होंने राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में हार के लिए तैयार रहने की बात भी कही थी। शाह का यह बयान मतदाता सूचियों के SIR को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लग रहे आरोपों के बीच आया था।
हरीश रावत ने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों पर कहा कि भाजपा की नाराजगी समझ में आती है, क्योंकि विपक्ष ने उसके वोट चोरी के मामले को उजागर किया है। रावत कहा कि राहुल गांधी पहले भी इस मुद्दे पर आवाज उठाते रहे हैं और अब INDIA गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी को अंजाम देने वाले और इसके पीछे रहे लोगों की भूमिका अब सामने आ रही है। रावत ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा।