
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उनकी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पूर्व सीएम रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस की राजनीतिक गति को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेता हरीश रावत ने ED की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है, उसे करीब एक दशक बाद अचानक उठाया गया है।
रावत ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही घबराई हुई बीजेपी बहाने तलाश रही है। यही वजह है कि इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्हें अचानक 10 या साढ़े 10 साल पुराना मामला याद आ गया है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपना राजनीतिक नैरेटिव मजबूत कर रही है और इसी वजह से उसकी गति को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
हरिश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का बचाव करते हुए उनकी छवि पर भी सवाल उठाए जाने को गलत बताया। उन्होंने कहा कि जीना एक बेहद ईमानदार, सरल और मेहनती व्यक्ति हैं।
रावत ने सवाल किया कि ऐसा कौन सा बड़ा सबूत मिला है, जिसके लिए ED को इतनी बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी? चंदन सिंह जीना बेहद सभ्य, विनम्र और मेहनती व्यक्ति हैं।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली। ED के मुताबिक, यह कार्रवाई 10 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान चंदन सिंह जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद की गईं।
ED के अनुसार, तलाशी तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष और सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR शीट की प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक तथा कथित साजिश से जुड़े बिचौलियों के परिसरों पर भी की गई।
जांच एजेंसी ने बताया कि चंदन सिंह जीना ने वर्ष 2014 से 2017 के दौरान हरिश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD के तौर पर काम किया था। वर्तमान में वह हरिश सिंह रावत के निजी सहायक के रूप में कार्यरत बताए गए हैं।