
फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (सोर्स-पीटीआई)
Brics PM Modi-Pezeshkian Meeting: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS) में भारत और ईरान के रिश्तों की मजबूती एक बार फिर दिखाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात चर्चा में रही। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का हाथ पकड़े हुए चलते दिखाई दिए। इसी बीच ईरान ने BRICS के ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ यानी NDB में शामिल होने की तैयारी तेज कर दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि इस दिशा में काम चल रहा है। कुछ देशों का समर्थन भी मिला है।
ईरान BRICS का सदस्य पहले ही बन चुका है। अब उसकी नजर ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ पर है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान NDB की सदस्यता हासिल करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देश इस कदम का समर्थन कर रहे हैं।
NDB को BRICS देशों की प्रमुख वित्तीय संस्थाओं में गिना जाता है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों में विकास परियोजनाओं को वित्तीय मदद देना है। ऐसे में ईरान की संभावित एंट्री उसके लिए आर्थिक तौर पर अहम हो सकती है। ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेममती भी पहले NDB में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अब विदेश मंत्री के बयान से इस प्रक्रिया को लेकर ईरान की गंभीरता साफ दिखती है।
ब्रिक्स (BRICS) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच अहम बातचीत हुई। अराघची ने इस मुलाकात को मजबूत बैठक बताया। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। PM मोदी ने BRICS से जुड़ी बैठकों में ईरान की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने पेजेशकियन के BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में शामिल होने का भी स्वागत किया।
इसके अलावा दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की। PM मोदी ने साफ कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया।
ईरान BRICS के मंच को आर्थिक और वित्तीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण मान रहा है। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने BRICS देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने अलग-अलग बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया के हालात पर भी अपनी बात रखी। पेजेशकियन ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी इलाके के देशों के पास होनी चाहिए।
भारत और ईरान के बीच बातचीत भी इसी व्यापक सहयोग का हिस्सा है। PM मोदी ने कहा कि दोनों देशों को लंबे समय की विन-विन रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
जनवरी 2024 से ईरान BRICS का पूर्ण सदस्य है। उसके साथ मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब और UAE भी संगठन में शामिल हुए थे। अब NDB में संभावित एंट्री ईरान के लिए BRICS के साथ आर्थिक जुड़ाव का अगला बड़ा कदम हो सकती है।
Updated on:
12 Sept 2026 05:43 pm
Published on:
12 Sept 2026 05:43 pm
