तिवारी के मुताबिक, दुनिया इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहां देश बदलती परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशों और लोगों के बीच संवाद की प्रक्रिया को सक्रिय रखना जरूरी है, क्योंकि इसी बातचीत के जरिए भविष्य की एक व्यवहारिक वैश्विक व्यवस्था आकार ले सकती है।