
BRICS समिट में सिर्फ वेजिटेरियन खाना, जानें पूरी सच्चाई। (सोर्स- /@MEA फैक्ट-चेक स्क्रीनशॉट)
BRICS Media Lunch Fact-Check: ब्रिक्स समिट में विदेशी नेताओं और इंटरनेशनल मीडिया को सिर्फ वेजिटेरियन खाना परोसा जा रहा है, ऐसा दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है। लेकिन अब विदेश मंत्रालय की सफाई के बाद तस्वीर साफ हो गई है। कई मीडिया चैनल और वायरल वीडियो के दावे को लेकर विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया। इसे फेक न्यूज बताया।
18वें BRICS समिट के दौरान भारत मंडपम से खाने के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें पोहा और कई तरह के शाकाहारी व्यंजन नजर आए। इसके बाद दावा किया गया कि BRICS नेताओं को भारत में यही खाना परोसा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के फैक्ट-चेक से इस दावे पर स्थिति साफ हुई। मंत्रालय ने बताया कि वायरल विजुअल्स मीडिया सेंटर से जुड़े थे। वहां देश-विदेश से आए पत्रकारों के लिए खाने की व्यवस्था की गई थी। इसे नेताओं के खाने से जोड़ना सही नहीं था। यह डेलीगेट्स के लिए नहीं था।
MEA ने बताया कि मीडिया के लिए तैयार मेन्यू में भारतीय और इंटरनेशनल दोनों तरह के व्यंजन शामिल थे। इसमें पनीर लबाबदार, राजमा रसेला, दाल पंचमेल, सब्ज मोतिया पुलाव और मकई लहसुनी पालक जैसे व्यंजन थे। इसके अलावा पेन्ने अल पोमोडोरो, हक्का नूडल्स और बेक्ड वेजिटेबल ऑ ग्रेटिन जैसे विकल्प भी रखे गए थे।
वहीं, विदेशी डेलीगेशन के लिए दिल्ली के कई लग्जरी होटलों में अलग मेन्यू तैयार किए गए थे। ‘द ललित’ में डेलीगेशन के लिए गलौटी कबाब, तंदूर ब्रेड और मिलेट से जुड़े व्यंजन शामिल किए गए। कुछ डिश में इंटरनेशनल फ्लेवर भी जोड़ा गया। ‘ताज महल’ होटल में भी मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया गया। इसमें नल्ली निहारी, गुच्छी पुलाव, दिल्ली-6 चिकन कोरमा और लैम्ब चॉप्स जैसे व्यंजन शामिल थे।
वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। कुछ लोगों ने इसे भारत की खान-पान व्यवस्था से जोड़ा। कुछ ने इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक सवाल भी उठाए। लेकिन फैक्ट-चेक में सबसे अहम बात यह सामने आई कि पोहा वाला खाना BRICS नेताओं के लिए नहीं था। यह मीडिया के लिए था। यानी वायरल वीडियो को देखकर यह कहना कि BRICS नेता सिर्फ पोहा या शाकाहारी खाना खा रहे थे। ये सही नहीं है।
जबकि, सच्चाई ये है कि समिट में भारत ने अपने खान-पान की विविधता भी दिखाई। मीडिया के लिए वेजिटेरियन और मिलेट आधारित मेन्यू रखा गया। वहीं अलग-अलग डेलीगेशन के लिए लग्जरी होटलों में उनकी जरूरत और पसंद के हिसाब से विस्तृत मेन्यू तैयार किए गए। इसलिए BRICS समिट के खाने को लेकर वायरल दावा पूरी तरह गलत है। हां सही है कि नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया के लिए वेज खाने का बंदोबस्त था।
Updated on:
12 Sept 2026 04:32 pm
Published on:
12 Sept 2026 04:09 pm
