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PM नरेंद्र मोदी और यूएई क्राउन प्रिंस की अहम बैठक, रक्षा-अंतरिक्ष-परमाणु ऊर्जा में सहयोग का नया रोडमैप होगा तैयार

India UAE Strategic Partnership: भारत और यूएई ने रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। मोदी और यूएई के क्राउन प्रिंस के बीच नई दिल्ली में हुई बैठक में संबंधों की प्रगति की समीक्षा हुई।
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India UAE Strategic Partnership

पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस। फोटो- आईएएनएस

BRICS Summit 2026: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह सहमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बैठक में बनी।

पिछले वर्षों में हुई प्रगति की समीक्षा की

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में पिछले वर्षों में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करते रहेंगे। बैठक में दोनों पक्षों ने माना कि ऊर्जा, व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और नई प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। बैठक में यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) की ओर से ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की लागत से प्रस्तावित एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना का भी उल्लेख किया गया।

साझेदारी को नई दिशा मिलेगी

इसे भारत में अब तक के सबसे बड़े एकीकृत एल्युमिनियम निवेश के रूप में देखा जा रहा है। दोनों नेताओं ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही, यह भारत और यूएई के बीच बढ़ते निवेश सहयोग का बड़ा उदाहरण बन सकती है। बैठक में नेताओं ने माना कि संप्रभु निवेश मंच एल-इमाद भारत और यूएई के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार, इस मंच के माध्यम से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश और विकास साझेदारी को नई दिशा मिल सकती है।

शुक्रवार को पहुंचे थे भारत

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह मुलाकात दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद की परंपरा को दर्शाती है। साथ ही, यह दोनों देशों के संबंधों में बनी निरंतरता को भी दिखाती है। भारत और यूएई के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, गहरे आर्थिक संबंध और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों की प्रमुख विशेषता बन चुके हैं। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को भारत पहुंचे थे। वे भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हैं।

इस वर्ष भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी है। भारत और यूएई के बीच शीर्ष नेतृत्व का संपर्क लगातार मजबूत हो रहा है। इससे पहले 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात हुई थी। उस बैठक में भी दोनों नेताओं ने निवेश, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा की थी।