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Delhi Musician Murder Case: पसलियां टूटीं, शरीर में हुआ भारी रक्तस्राव… मणिपुरी संगीतकार विक्रम सिंह की पोस्टमार्टम में सामने आया सच

Chongtham Vikram Singh Postmortem: जिस विवाद की शुरुआत कथित तौर पर शोर कम करने की शिकायत से हुई, उसका अंत एक संगीतकार की मौत के साथ हुआ। पोस्टमार्टम में पसलियों के टूटने से लेकर पेट के भीतर भारी रक्तस्राव तक के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
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Chongtham Vikram Singh Postmortem

Chongtham Vikram Singh Postmortem : विक्रम सिंह की मौत पर बड़ा खुलासा! AIIMS रिपोर्ट ने बताई हमले की तस्वीर (फोटो सोर्स: ANI)

Manipuri Musician Death in Delhi: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत ने मामूली कहासुनी और शोर-शराबे के विवाद को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घर के बाहर ढाबे पर हो रहे हंगामे का विरोध करना सिंह के लिए जानलेवा साबित हुआ। AIIMS दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों और अंदरूनी रक्तस्राव की तस्वीर बताती है कि उन पर हमला कितना बेरहमी से किया गया था। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Delhi Musician Murder Case: पसलियों के फ्रैक्चर ने खोली हिंसा की गंभीरता

AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के अनुसार, विक्रम सिंह की मौत अत्यधिक शारीरिक हमले से हुई, जिसमें छाती और पेट पर लगी चोटें घातक साबित हुईं। पोस्टमार्टम में शरीर के सिर, चेहरे, हाथों, छाती, पेट, पीठ और पैरों पर कई तरह की चोटें दर्ज की गईं।

रिपोर्ट में बाई ओर पहली से 11वीं पसली तक तथा दाईं ओर छठी से नौवीं पसली तक फ्रैक्चर पाए जाने की बात कही गई है। इन चोटों के आसपास अंदरूनी रक्तस्राव के भी प्रमाण मिले। शरीर पर खरोंच, चोट और गहरे घाव जैसे कई निशान भी दर्ज किए गए हैं। आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसकी रासायनिक और विषविज्ञान (Toxicology) संबंधी जांच की जाएगी।

अस्पताल पहुंचने के कुछ घंटे बाद मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह को मंगलवार तड़के करीब 12:25 बजे होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया था। उस समय वह बेहोश थे। इलाज के दौरान सुबह करीब 6:32 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चिकित्सकीय निष्कर्षों के मुताबिक शरीर के भीतर लगातार हो रहा रक्तस्राव उनकी मृत्यु का कारण बना।

सिंह पर 7 सितंबर को हमला हुआ था। बताया गया है कि उन्होंने अपने घर के बाहर ढाबे से आ रही तेज आवाज और कथित उपद्रव का विरोध किया था। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले भी इसी समूह के लोगों ने उन्हें धमकाया था।

‘सबक सिखाने’ की बात, लेकिन हमला बन गया जानलेवा

पुलिस ने इस मामले में सात लोगों भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों में ढाबा कर्मचारी और डिलीवरी एग्जीक्यूटिव शामिल बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में कथित तौर पर कहा कि वे सिंह को सबक सिखाना चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि मारपीट उनकी जान ले लेगी।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो भीड़ द्वारा हत्या और पहचान आधारित समूह हत्याओं से संबंधित है। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि घटना के पीछे किसी तरह का नस्ली या racial angle था या नहीं।

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