
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो - आईएएनएस)
BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का औपचारिक आगाज होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार देने का बड़ा आह्वान किया। शुक्रवार को आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपसी कारोबार को बढ़ाने के लिए व्यापार के रास्ते में आने वाली रुकावटों को हटाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि साल 2006 में इस समूह के गठन के बाद से ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आज ब्रिक्स समूह दुनिया की 50 फीसदी आबादी, 40 फीसदी अर्थव्यवस्था और 25 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। इन सालों में ब्रिक्स देशों का कुल सकल घरेलू उत्पाद करीब साढ़े चार गुना बढ़ा है जबकि पूरी दुनिया की विकास दर ढाई गुना रही है।
दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षित व्यापार मार्गों का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री रास्ते पूरी तरह सुरक्षित रहें, सामान की आवाजाही खुली रहे और जहाजों पर काम करने वाले नाविक महफूज रहें। भारत हमेशा से समुद्री रास्तों की आजादी और नाविकों की सुरक्षा का पक्का पैरोकार रहा है।
कारोबारियों को नए अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के सामने एक लक्ष्य भी रखा। उन्होंने व्यापार की शीर्ष 10 बड़ी रुकावटों की पहचान कर उन्हें दूर करने को कहा। साथ ही प्रस्ताव दिया कि सदस्य देश हर साल 100 नए स्टार्टअप्स को एक-दूसरे के बाजारों में विस्तार करने में मदद करें और कंपनियों के बीच 1,000 नई साझेदारियां तैयार करें।
बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का रुख पश्चिमी देशों की पाबंदियों के खिलाफ कड़ा दिखा। पुतिन ने कहा कि बीते पांच सालों में ब्रिक्स देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा रही है जबकि खुद को दुनिया की अगुवा कहने वाली जी-7 अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी घटकर 29 फीसदी रह गई है।
वहीं, भारत ने इस मंच को किसी गुट के खिलाफ मोड़ने के बजाय एक संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखा है। भारत दुनिया के देशों के बीच एक आर्थिक पुल का काम कर रहा है, ताकि बेवजह के टैक्स और बंदिशें कारोबार को नुकसान न पहुंचाएं।
शनिवार से शुरू हो रहे मुख्य सम्मेलन से ठीक पहले सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान 50 से अधिक व्यावहारिक और ठोस नतीजों पर सहमति बनी है। इनमें आतंकवाद के सभी रूपों की खुलकर निंदा और इसके खात्मे का साझा संकल्प शामिल है। इसके अलावा वैश्विक संस्थाओं में सुधार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की मांग को सदस्य देशों का मजबूत समर्थन मिला है।
भारत की अध्यक्षता पूरे देश के साझा प्रयास के रूप में सामने आई है। सालभर के भीतर देश के 30 से अधिक शहरों में करीब 400 बैठकें हुईं। मुख्य सम्मेलन की शुरुआत शनिवार यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वैश्विक व्यवस्था और सहयोग को मजबूत करने वाले विशेष सत्र से होगी।
Updated on:
12 Sep 2026, 7:47 AM IST
Published on:
12 Sep 2026, 7:46 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.