राष्ट्रीय हिंदू स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बांग्लादेश में लगातार हो रहे हिंदुओं पर हमले को लेकर हर हिंदू आक्रोशित है। केंद्र सरकार से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बातचीत से मामला सुलझाया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है तो कोई ठोस उपाय करना चाहिए।
Crisis in Hindus : अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने चिंता जाहिर की है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर (Sunil Ambekar) ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे को बातचीत से सुलझाया जा सकता है, लेकिन बातचीत विफल हो जाती है तो हिंसा रोकने के लिए कोई अन्य समाधान ढूंढा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, उससे हर हिंदू को आक्रोशित होना चाहिए। कार्यक्रम सकल हिंदू समाज की ओर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू, बौद्ध, जैन और अन्य समुदायों के खिलाफ हो रहे हमलों की निंदा करने के लिए आयोजित किया गया था।
इस बीच चटगांव अदालत में हिंदू संन्यासी चिन्मयकृष्ण दास(Chinmaya Krishna Das) की जमानत याचिका पर सुनवाई का मामला फिर टल गया। बुधवार को याचिका को सुनवाई के लिए आगे लाने की अपील खारिज कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रविंद्र घोष (Ravindra Ghosh) ने याचिका दायर की थी।अदालत में मौजूद वकीलों ने इसका विरोध किया।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने कहा कि सरकार जल्द पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार से आधिकारिक तौर पर बात करेगी। बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत, बांग्लादेश की न्यायिक प्रक्रिया का पालन करेगा और हसीना का प्रत्यर्पण करेगा। कानून विशेषज्ञ टोबी कैडमैन का कहना है कि अगर भारत हसीना का प्रत्यर्पण नहीं करता है तो बांग्लादेश इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की मदद ले सकता है।
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