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भारत-बांग्लादेश रक्षा साझेदारी को मिलेगा नया बल, सेना प्रमुख से हुई उच्चायुक्त की मुलाकात

India Bangladesh Defense Cooperation: थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और बांग्लादेश के उच्चायुक्त के बीच नई दिल्ली में अहम मुलाकात हुई है। बैठक में जॉइंट मिलिट्री ट्रेनिंग और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति बनी है।
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Apr 02, 2026
India Bangladesh Defense Cooperation
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (फोटो क्रेडिट: X/@adgpi)

India Bangladesh Defense Cooperation: भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की है। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की है।

बैठक में विशेष रूप से संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण पहलों को बढ़ाने और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए आयाम तलाशने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मजबूत रक्षा सहयोग क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर फोकस

इंडियन आर्मी के एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन (ADGPI) के अनुसार, इस बैठक में भारत और बांग्लादेश के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य आदान-प्रदान और सहयोग के अन्य क्षेत्रों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए गहरे सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

साझा इतिहास, मजबूत रिश्ते

हाल ही में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी भारत और बांग्लादेश के गहरे संबंधों को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा कि दोनों देश इतिहास, संस्कृति और भाषा के साझा जुड़ाव से बंधे हैं, जो उनके रिश्तों को विशेष निकटता प्रदान करते हैं।

नई दिल्ली में आयोजित बांग्लादेश के 56वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम को दोनों देशों की साझा विरासत बताया है। उनके अनुसार, यह साझेदारी विश्वास, साझा मूल्यों और क्षेत्रीय शांति व समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है।

विकास और कनेक्टिविटी में सहयोग

भारत और बांग्लादेश के बीच सहयोग केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास साझेदारी तक भी फैला हुआ है। रेल, सड़क, अंतर्देशीय जलमार्ग और ऊर्जा नेटवर्क के जरिए दोनों देश आपसी संपर्क को मजबूत बना रहे हैं। इसके साथ ही, व्यापार को बढ़ावा देने और लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।

Updated on:
02 Apr 2026 10:24 pm
Published on:
02 Apr 2026 10:24 pm