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उज्बेकिस्तान में भी चलेगा भारत का UPI: महत्वपूर्ण खनिजों और यूरेनियम पर बड़ा समझौता, PM मोदी के दौरे में रिश्तों को मिली नई मजबूती

UPI in Uzbekistan: पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के बाद भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने 2030 तक 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा है और उज्बेकिस्तान में यूपीआई शुरू हो गया है।
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Updated: 30 Aug 2026, 9:50 PM IST
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उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो -@narendramodi/X)

PM Modi Uzbekistan Visit: भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने अपने आपसी संबंधों को अब एक नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच अब व्यापक रणनीतिक साझेदारी होगी।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान ने वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर भी काम करेंगे।

उज्बेकिस्तान में शुरू हुआ UPI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान उज्बेकिस्तान में यूपीआई की शुरुआत भी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा। सिबी जॉर्ज ने कहा कि उज्बेकिस्तान में यूपीआई की शुरुआत भारत के डिजिटल ढांचे के दुनिया के दूसरे देशों तक विस्तार का हिस्सा है। इससे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच डिजिटल भुगतान और लेनदेन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

महत्वपूर्ण खनिजों पर भी समझौता

भारत और उज्बेकिस्तान ने खनन के क्षेत्र में भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत दोनों देश महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इसमें यूरेनियम की आपूर्ति से जुड़ा सहयोग भी शामिल है। महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह समझौता दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है।

उज्बेकिस्तान में बढ़ रही भारतीय कंपनियों की मौजूदगी

दोनों देशों ने बुनियादी ढांचे के विकास को भी सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल किया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि कई भारतीय कंपनियां पहले से उज्बेकिस्तान में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए व्यापार, डिजिटल भुगतान, खनन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मोदी के दौरे में कई अहम फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान के दौरे के दौरान मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने का फैसला किया है। दोनों देशों का लक्ष्य अब अगले कुछ वर्षों में व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल और आर्थिक सहयोग को भी विस्तार देना है। यूपीआई की शुरुआत और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग इस दौरे के प्रमुख नतीजों में शामिल हैं।

Updated on:
30 Aug 2026, 9:50 PM IST
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