राष्ट्रीय

ईरान-इजरायल संघर्ष: अब तक 2,20,000 भारतीय वापस लौटे, हर स्थिति पर सरकार की नजर

ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से प्रभावित हुई उड़ानों के कारण लाखों भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में फंसे हैं। सरकार विदेश में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वापसी पर भारत सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है।

2 min read
Mar 16, 2026
Ministry of External Affairs Joint Secretary Aseem Mahajan
विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन(Photo- ANI)

ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच लाखों भारतीय नागरिक विदेशों में फंसे हैं। विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वापसी के बारे में सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि गल्फ क्षेत्रों से अब तक करीब 20,000 यात्री भारत लौट आए हैं।

सऊदी अरब के विभिन्न एयरपोर्ट से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। ओमान से भी कई डेस्टिनेशन के लिए फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जबकि कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी 2026 से पूरी तरह बंद है। बहरीन और इराक में जहां एयरस्पेस बंद है, वहां भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के रास्ते आने-जाने में सहायता दी जा रही है।

ओमान ने ड्रोन हमले से 2 भारतीय नागरिकों की मौत

विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि 13 मार्च को ओमान के सोहर शहर में हुए ड्रोन हमले में दुर्भाग्य से 2 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। मस्कट में भारतीय दूतावास मृतकों के परिवारों से लगातार संपर्क में है और ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। उम्मीद है कि ओमान में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जाएंगे। ओमान में हुए हमले में कई भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।

ड्रोन हमले में कुल 11 लोग घायल हुए थे, जिसमें से 10 भारतीय हैं। ड्रोन हमले में घायल भारतीय नागरिकों की हालत स्थिर है, उनका इलाज चल रहा है। यह घटना पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण हुई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से कई देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है। विदेश मंत्रालय भारतीय समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है और आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है। पश्चिम एशियाई क्षेत्रों में करीब 1 करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं। इसलिए भारत सरकार हर स्थिति पर नजर रख रही है।

अब तक 2,20,000 भारतीय वापस लौटे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणधीर जायसवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से ईरान की राजधानी में मौजूद भारतीय छात्रों को एहतियात के तौर पर तेहरान से बाहर के सुरक्षित शहरों में ट्रांसफर किया गया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह से कार्यरत है और जमीनी स्तर पर सहायता प्रदान करने के लिए समन्वय कर रहा है।

भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि वे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन चालू हैं। विदेश मंत्रालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 2,20,000 भारतीय वापस लौट चुके हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से फिर से खुल जाने के बाद वहां से उड़ानें संचालित हो रही हैं। जल्द ही विशेष गैर-निर्धारित उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।