
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)
Supreme Court Special Bench: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की मतगणना में केवल केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के कर्मचारियों को सुपरवाइजर के रूप में तैनात करने के फैसले के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की याचिका पर सुनवाई के लिए कल यानी 2 मई को स्पेशल बेंच गठित कर दी है। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जोयमल्या बागची की बेंच कल सुबह 10:30 बजे इस याचिका पर सुनवाई करेगी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को TMC की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें मुख्य निर्वाचन अधिकारी के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें प्रत्येक मतगणना टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक को केंद्र सरकार या केंद्र PSU का कर्मचारी बनाने का प्रावधान किया गया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह फैसला चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसमें कोई अवैधता नहीं है।
TMC ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की है। पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि पश्चिम बंगाल में मतगणना सोमवार सुबह 4 मई को शुरू होने वाली है। यदि मामले में देरी हुई तो याचिका निरर्थक हो जाएगी। TMC का तर्क है कि केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को तैनात करना पक्षपातपूर्ण है और राज्य कर्मचारियों को बाहर रखना उचित नहीं है। वहीं, चुनाव आयोग ने सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था की है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ TMC की यह याचिका अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयार है। मामले की तात्कालिकता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष बेंच गठित कर तुरंत सुनवाई का फैसला लिया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होगा, जहां विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने बताया कि दक्षिण 24 परगना के मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों पर 2 मई को पुनर्मतदान होगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि राज्य चुनाव तंत्र से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है और मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
Updated on:
01 May 2026 09:28 pm
Published on:
01 May 2026 09:07 pm
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