ACB ने IAS विनय चौबे और उनके परिजनों–करीबियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में नया मामला दर्ज किया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने झारखंड कैडर के IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे (Vinay Kumar Choubey) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (DA) का नया मामला दर्ज किया है। इस मामले में विनय चौबे के साथ-साथ उनकी पत्नी, साला-साली, ससुर और करीबी मित्र विनय सिंह (Vinay Singh) सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, भ्रष्टाचार करने तथा मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विनय चौबे (IAS, वर्तमान में जेल में)
स्वप्ना संचिता (पत्नी)
विनय सिंह (करीबी दोस्त व मुख्य आरोपी, जेल में)
संचिता सिंह (विनय सिंह की पत्नी)
शिपिज त्रिवेदी (साला)
प्रियंका त्रिवेदी (साली)
एस.एन. त्रिवेदी (ससुर)
ACB की जांच में पता चला है कि विनय चौबे की ज्ञात आय स्रोतों से कुल कमाई लगभग 2.20 करोड़ रुपए थी, लेकिन उनके और उनके परिवार-दोस्तों के खातों में 3.47 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन मिले हैं। इस तरह करीब 1.27 करोड़ रुपए (लगभग 53% अधिक) की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की गई है।
जांच एजेंसी का दावा है कि चौबे ने अपनी काली कमाई को छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों और करीबियों के बैंक खातों का एक जटिल नेटवर्क बनाया था। इसमें नकद जमा, RTGS ट्रांसफर, फर्जी लोन, रियल एस्टेट सौदे और प्राइवेट कंपनियों के जरिए पैसे का लेन-देन किया गया। विनय सिंह को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य “रिसीवर और ऑपरेटर” बताया जा रहा है। उनकी पत्नी संचिता सिंह पर भी मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय भूमिका का आरोप है।
दोनों मुख्य आरोपी – IAS विनय चौबे और विनय सिंह – फिलहाल अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं:
विनय चौबे → रांची शराब घोटाला मामले में
विनय सिंह → हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में
ACB का कहना है कि चौबे की हर पोस्टिंग (हजारीबाग, रांची आदि) में भ्रष्टाचार के सबूत मिले हैं और कई अन्य मामले भी जांच के दायरे में हैं।
FIR दर्ज होने के बाद ACB की टीमें सभी आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, संपत्ति दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन छानबीन शुरू कर चुकी हैं। जल्द ही छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई भी तेज होने की संभावना है।