Kanhaiya Kumar Profile: बिहार से आने वाले कन्हैया कुमार कांग्रेस के नेता हैं और उन्हें पार्टी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से टिकट दिया है। कन्हैया जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। आइये इनके बारे में जानते हैं...
Kanhaiya Kumar Profile: अपने शानदार भाषण से खास पहचान बनाने बनाने वाले कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी के उन चुनिंदा युवा नेताओं में शामिल हैं जो हर मंच से पार्टी की बात प्रखरता से रखते हैं। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस पार्टी ने इन्हें उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी पार्टी से दो बार के सांसद मनोज तिवारी को कन्हैया इस बार चुनौती दे रहे हैं। बिहार से आने वाले दोनों नेता जीत के लिए जमकर पसीना बहा रहे हैं, जनता से मिल रहे हैं, लेकिन कन्हैया कुमार ने उस वक्त अचानक सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया, जब उन्होंने खुलेआम मनोज तिवारी को उनके 10 साल के कामकाज पर बहस की चुनौती दे डाली। हालांकि, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कन्हैया के चुनौती पर जवाब दिया, लेकिन अब तक मनोज तिवारी के तरफ से इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया गया है। बिहार के बेगूसराय जिले से आने वाले कन्हैया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के पूर्व सदस्य रह चुके हैं। कन्हैया कुमार का नाम सबसे पहले तब सुर्खियों में आया जब वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र संघ के अध्यक्ष थे और फरवरी 2016 में एक विवादित घटना के बाद उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
कन्हैया कुमार का जन्म 13 जनवरी 1987 को बिहार के बेगूसराय जिले के बीहट गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम जयशंकर सिंह और माता का नाम मीना देवी है। कन्हैया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के विद्यालय से की और बाद में पटना कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जेएनयू से अफ्रीकन स्टडीज में एम.फिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
कन्हैया कुमार का राजनीतिक करियर जेएनयू में छात्र राजनीति से शुरू हुआ, जहां वे 2015 में जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के अध्यक्ष चुने गए। 2016 में, उन पर जेएनयू कैंपस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशद्रोही नारे लगाने के आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस घटना ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
2019 के लोकसभा चुनाव में कन्हैया कुमार ने बेगूसराय से CPI के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के गिरिराज सिंह से उन्हें भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान उस वक्त कन्हैया ने अपने बड़े-बड़े मित्रों को बेगूसराय में बुलाया था, उनसे रोड शो करवाए, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
2021 में जब उन्हें लगा की CPI में उनका कोई भविष्य नहीं है तो पुरानी पार्टी का हाथ छोड़कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का दामन थाम लिया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद, वे पार्टी के कई महत्वपूर्ण अभियानों और कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।