Delhi Kanjhawala case: दिल्ली कंझावला केस के 10 दिन बाद भी दिल्ली पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। अंजलि नामक युवती की कार से घसीटकर हुई मौत हत्या थी या हादसा यह अभी तक क्लियर नहीं हो सका है। ऐसे में अब मृतका के परिजनों का हौसला जवाब देने लगा है।
Delhi Kanjhawala case: दिल्ली कंझावला केस में मंगलवार को अंजलि के परिजन सुल्तानपुरी थाने के सामने धरने पर बैठे। अंजलि के परिजनों की मांग है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करे। जबकि पुलिस मामले में अभी तक मर्डर का मोटिव नहीं तलाश सकी है। ऐसे में आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में हुई दिल दहला देने वाली इस घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस मामलों का खुलासा नहीं कर सकी है। ऐसे में कोर्ट ने भी दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है। 31 दिसंबर की रात 20 वर्षीय अंजलि नामक युवती की कार से घसीटकर हुई मौत हत्या थी या हादसा यह अभी तक क्लियर नहीं हो सका है। इस बीच हादसे वाली रात के कई सीसीटीवी फुटेज सामने आए। जिससे मामले में कई नए मोड़ आए। पुलिस इस केस में अभी तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन सभी कड़ियों को मिलाकर पूरी कहानी साफ करने में विफल रही है।
पुख्ता सबूत के अभाव में हत्या की प्राथमिकी नहीं
इस केस में एक तरफ अदालत में सुनवाई जारी है तो दूसरी तरफ अंजलि के परिवार वालों को सुल्तानपुरी थाने के बाहर धरना भी जारी है। अंजलि के परिजन सुल्तानपुरी थाने के सामने धरने पर बैठे है। इन लोगों की मांग है कि पुलिस आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करें। लेकिन पुलिस पुख्ता सबूत के अभाव में ऐसा करने को राजी नहीं है।
कोर्ट ने कहा- क्या पुलिस सबूतों में छेड़छाड़ के इंतजार में
इधर कंझावला केस में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। मामले में अभी तक सबूत नहीं जुटा पाने को लेकर कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया। कोर्ट ने पूछा कि पुलिस एक बार में सारे सीसीटीवी फुटेज इकट्ठे क्यों नहीं करती है? क्या पुलिस सबूतों से छेड़छाड़ के इंतजार में बैठी है। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर तल्ख टिप्पणी की।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी आरोपी
मालूम हो कि सोमवार को रोहिणी कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कंझावला केस के आरोपी आशुतोष, दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल वर्चुअली पेश किया था। कोर्ट में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि वे मामले के सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी। जिसपर सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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