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Karnataka: स्कूल की पानी टंकी में जहर घोलने का मामला, मुस्लिम हेडमास्टर को हटाया गया; चर्चा में CM-पुलिस का बयान

कर्नाटक के बेलगावी जिले में सरकारी स्कूल की पानी टंकी में जहर घोलने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में धार्मिक एंगल सामने आया है। आरोपियों को स्कूल के मुस्लिम हेडमास्टर से परेशानी थी। हेडमास्टर को पद से हटा दिया गया है।
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Aug 04, 2025
Siddaramaiah
कर्नाटक के सीएम मुख्यमंत्री एन.सिद्धरामय्या (Photo- x/Siddaramaiah)

कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक सरकारी स्कूल की पानी टंकी में जहर घोल दिया गया था। 14 जुलाई को यह घटना हुई थी। स्कूल की टंकी का पानी पीने के बाद 12 छात्र बीमार पड़ गए थे। इस घटना के तुरंत बाद बच्चों का इलाज कराया गया। अब वे ठीक हो गए हैं।

इस मामले में अब बड़ा एक्शन हुआ है। तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सिद्धारमैया सरकार ने हेडमास्टर को भी पद से हटा दिया है।

अब इस मामले को लेकर पुलिस जांच में धार्मिक एंगल भी सामने आया है। दरअसल, जिस हेडमास्टर को हटाया गया है, वह मुस्लिम समुदाय से आते हैं। उनसे आरोपियों को परेशानी थी।

पुलिस जांच में क्या पता चला?

पुलिस ने घटना की हर तरह से जांच की। जिसमें पता चला कि 5वीं कक्षा के एक छात्र ने पानी टंकी में जहर मिलाने का काम किया था।

जब पूछताछ हुई तो बच्चे ने बताया कि उसे एक बोतल दी गई थी, जिसमें जहर था। उसे पानी की टंकी में डालने को कहा गया था। बोतल देने वाला आदमी कृष्ण मदार था।

पुलिस जांच से यह भी पता चला कि कृष्णा ने दबाव में आकर ऐसा काम किया था। सागर पाटिल और नागनगौड़ा पाटिल ने इस घटना को अंजाम देने के लिए उसे ब्लैकमेल कर रहे थे।

उसके अंतर्जातीय प्रेम संबंधों का पर्दाफाश करने की धमकी दे रहे थे। दबाव में आकर, कृष्णा ने बच्चे के माध्यम से इस घटना की साजिश रची।

सागर पाटिल, इस घटना का मास्टर माइंड बताया जा रहा है। वह श्री राम सेना का तालुक स्तर का अध्यक्ष है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया है कि उसे स्थानीय सरकारी स्कूल में एक मुस्लिम के प्रधानाध्यापक पद पर होने से चिढ़ थी।

क्या बोले सीएम?

अब इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस मामले को लेकर बयान भी जारी किया है।

उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट में कहा कि बेलगावी जिले के सवादट्टी तालुक के हुलिकट्टी गांव के सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुस्लिम समुदाय से हैं। उन्हें अब उनके पद से हटा दिया गया है।

सीएम ने कहा कि यह घटना धार्मिक कट्टरवाद का प्रमाण है। इससे हिंसा भी फैल सकती है। शरणों की भूमि में, जिन्होंने कहा था, 'करुणा ही धर्म का मूल है' वहां किसी के प्रति इतनी क्रूरता और घृणा कैसे पैदा हो सकती है? इस समय भी, मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा है।

सिद्धारमैया ने आगे कहा कि धर्म के नाम पर समाज में नफरत का बीज बोकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने वाले भाजपा नेताओं को आत्मचिंतन करना चाहिए। क्या प्रमोद मुतालिक इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे? क्या भाजपा के अन्य नेता इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे?

ऐसे सामाजिक विनाशकारी कृत्यों का हमेशा समर्थन करने वाले नेताओं को अब आगे आकर अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। सभी प्रकार की कट्टरता और कट्टरवाद मानव समाज के लिए खतरनाक हैं।

नफरत भरे भाषणों और सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए, हमने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है और हम ऐसे तत्वों के खिलाफ हर संभव कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। हमारे सभी प्रयासों के फलीभूत होने के लिए, जनता को भी ऐसी ताकतों के खिलाफ आवाज उठानी होगी, उनका विरोध करना होगा और शिकायत दर्ज करानी होगी।

मेरा अब भी मानना है कि जो लोग एक साथ सद्भाव से रहना चाहते हैं, उनकी संख्या सांप्रदायिक लोगों की संख्या से सौ गुना जयदा है। बच्चों की हत्या की नापाक साजिश को नाकाम करने वाले पुलिसकर्मियों को बधाई। मुझे पूरा विश्वास है कि न्याय व्यवस्था ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले दोषियों को उचित सजा देगी।

Updated on:
04 Aug 2025 12:35 pm
Published on:
04 Aug 2025 12:35 pm