राष्ट्रीय

Kerala Elections : कांग्रेस नेता शशि थरूर का बड़ा दावा, UDF जीतेगी, BJP की ‘जीरो सीट’

Elections : कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव में UF की पक्की जीत का दावा किया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे सत्ता विरोधी वोटों को न बंटने दें और सकारात्मक बदलाव के लिए वोट करें।
2 min read
Apr 05, 2026
Shashi Tharoor
कांग्रेस नेता शशि थरूर (सोर्स: ANI)

Shashi Tharoor: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन (UDF) की सरकार भारी बहुमत से बनने जा रही है। थरूर ने मौजूदा वामपंथी सरकार (LDF) को सत्ता से बेदखल करने के लिए मतदाताओं से सत्ता विरोधी वोटों को न बांटने की पुरजोर अपील की है। उनका स्पष्ट मानना है कि इस बार के केरल चुनाव में राज्य की जनता एक बड़े बदलाव के लिए पूरी तरह से तैयार है।

एनआरआई मतदाताओं का चुनाव पर प्रभाव

शशि थरूर ने माना कि खाड़ी देशों में रहने वाले अनिवासी भारतीय मतदाता इस बार बड़ी संख्या में वोट डालने नहीं आ पा रहे हैं। पहले के चुनावों में ये मतदाता अक्सर चार्टर्ड फ्लाइट्स बुक करके अपने मताधिकार का प्रयोग करने आते थे। मौजूदा परिस्थितियों में ऐसा न हो पाने से थोड़ी निराशा जरूर है। हालांकि, थरूर का कहना है कि एनआरआई वोट महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन जीत-हार का अंतिम फैसला यहीं रहने वाले स्थानीय निवासियों के हाथ में ही होता है। कोझिकोड में उन्होंने कई एनआरआई संगठनों से मुलाकात भी की।

चुनाव अभियान और जनता का उत्साह

अब तक राज्य की 55 विधानसभा सीटों पर सघन चुनाव प्रचार कर चुके थरूर अपनी पार्टी की जीत को लेकर काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रचार के दौरान स्थानीय लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला है। अब वे अपने गृह क्षेत्र तिरुवनंतपुरम लौटकर मतदान करेंगे और वहां अंतिम दौर के प्रचार में हिस्सा लेंगे। उन्हें पूरे राज्य से बेहद सकारात्मक नतीजे मिलने की उम्मीद है।

भाजपा की भूमिका पर शशि थरूर का तीखा तंज

भाजपा के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर शशि थरूर ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा का कोई खास जनाधार नहीं है और यह महज एक 'शून्य सीट' वाली पार्टी है। थरूर के मुताबिक, अगर भाजपा इक्का-दुक्का सीटें जीत भी लेती है, तो भी इससे राज्य की राजनीति पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा। असल मुकाबला तो एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही है।

मतदान, मतदाता आँकड़े और चुनाव का कार्यक्रम

ध्यान रहे कि केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को मतगणना होगी। मौजूदा सरकार का कार्यकाल 23 मई को खत्म हो रहा है। इस बार चुनाव में करीब 2.69 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1.31 करोड़ पुरुष, 1.38 करोड़ महिलाएं और 227 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य में एलडीएफ पिछले करीब एक दशक से सत्ता पर काबिज है, जिसे यूडीएफ इस बार कड़ी टक्कर दे रही है।

थरूर के बयान से चुनावी माहौल गरमाया

शशि थरूर के इस आत्मविश्वास भरे बयान ने केरल के चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है। विपक्षी दल इसे कांग्रेस का अति-आत्मविश्वास बताकर खारिज कर रहे हैं, वहीं यूडीएफ समर्थक इस बयान से उत्साहित हैं। यहां 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन वोटिंग प्रतिशत पर सबकी पैनी नजर रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता विरोधी लहर का फायदा यूडीएफ को मिलता है या एलडीएफ अपना किला बचाने में कामयाब रहती है। इस बार एनआरआई वोटर्स का कम संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचना, उन सीटों पर हार-जीत का अंतर तय कर सकता है जहां मुकाबला कांटे की टक्कर का होने वाला है। ( इनपुट : ANI)


Also Read
View All
हिजाब से लेकर चीनी की कीमत तक, दिलीप घोष का राहुल गांधी पर जुबानी हमला, बोले- कांग्रेस को देशहित से दिक्कत

CJP India Gate Protest: CJP के इंडिया गेट मार्च ने बढ़ाई दिल्ली की टेंशन! पुलिस बोली- अभी तक नहीं मांगी अनुमति, सामने आया बड़ा प्लान

₹1,000 का विवाद, हाथ पर बना टैटू और 500 CCTV कैमरे, ऐसे बेनकाब हुआ दिल दहला देने वाला मर्डर केस

‘भारत कोई धर्मशाला नहीं है’, घुसपैठियों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह सख्त, कहा- ये डेमेग्राफिक चेंज के लिए खतरा

Telangana Suryapet Bus Accident: तेलंगाना के सूर्यापेट में दर्दनाक हादसा: लोहे की छड़ों ने बस को चीर दिया, 6 यात्रियों की गई जान, 20 घायल