पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों के तबादले पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक हस्तक्षेप और बंगाल को निशाना बनाने की साजिश बताया।
Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने गुरुवार को Election Commission of India (ईसीआई) के हालिया फैसलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने राज्य के वरिष्ठ ऑफिसर और पुलिस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले और उन्हें अन्य चुनावी राज्यों में सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किए जाने को चिंताजनक करार दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद से इस तरह की कार्रवाई लगभग रोजाना की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल को विशेष रूप से टारगेट किया है।
ECI पर तीखा प्रहार करते हुए CM ने कहा, जिस तरह से बंगाल को अलग कर निशाना बनाया जा रहा है, वह न केवल अभूतपूर्व है बल्कि बेहद चिंताजनक भी है। चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी सहित 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक और मनमाने तरीके से हटा दिया गया है।
ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक कार्रवाई मानने से इनकार करते हुए इसे उच्च स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष संस्थाओं का इस तरह राजनीतिकरण लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि इस तरह के फैसले ऐसे समय में लिए जा रहे हैं जब राज्य पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बड़े पैमाने पर तबादले राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि अधिकारियों का सामूहिक तबादला कोई संयोग नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल पर नियंत्रण स्थापित करने की एक सुनियोजित रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब दबाव, डर और संस्थागत हेरफेर के जरिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब जनता का विश्वास जीतने में असफलता मिलती है, तो संस्थाओं का दुरुपयोग किया जाता है। उन्होंने इसे अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताया।
ममता बनर्जी ने उन सभी अधिकारियों के प्रति एकजुटता जताई, जिनका तबादला किया गया है या जिन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी अपनी ईमानदारी और समर्पण के कारण निशाने पर हैं।
अपने बयान के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा बंगाल ने कभी दबाव के आगे झुकना नहीं सीखा है और न ही झुकेगा। बंगाल लड़ेगा, प्रतिरोध करेगा और हर विभाजनकारी एजेंडे को निर्णायक रूप से पराजित करेगा।