साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025 के वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा की है। हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ और जयपुर कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को राजस्थानी कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं को 31 मार्च को नई दिल्ली में सम्मान मिलेगा।
Sahitya Akademi Award: हिंदी की वरिष्ठ सहित्यकार ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ और जयपुर कलक्टर जितेंद्र कुमार सोनी को राजस्थानी में उनके चर्चित कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए वर्ष 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा। साहित्य अकादमी ने सोमवार को 24 भारतीय भाषाओं में वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें 8 काव्य संग्रह, 4 उपन्यास, 6 लघुकथा संग्रह, दो निबंध, दो संस्मरण और एक-एक साहित्यिक आलोचना और आत्मकथा को चुना गया है। अंग्रेजी साहित्य में उपन्यास ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ के लिए नवतेज सरना को तथा उर्दू में ‘सफर जारी है’ के लिए प्रितपाल सिंह बेताब को पुरस्कार के लिए चुना गया। विजेता लेखकों को नई दिल्ली में 31 मार्च को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक को पुरस्कार के रूप में एक ताम्र पट्टिका, शॉल और एक लाख रुपए की राशि दी जाएगी। साहित्य अकादमी पुरस्कार भारतीय साहित्य जगत में सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
वृंदावन में जन्मी कालिया ने 15 वर्ष की उम्र से लेखक की शुरुआत कर दी थी। इसके बाद उन्होंने पूरा जीवन साहित्य साधना लगा दिया। जीते जी इलाहाबाद किसी शहर की साधारण यात्रा नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों और सांस्कृतिक अनुभवों का एक रोचक दस्तावेज है। इस संस्मरण का प्रकाशन कोरोनाकाल में हुआ था। छुटकारा, मुखौटा, सीट नंबर छह, निर्मोही, बोलने वाली औरत जैसी कहानी जैसी रचनाएं काफी पसंद की गई।
डॉॅ. जितेंद्र कुमार सोनी का कहानी संग्रह भरखमा ग्रामीण परिवेश, जीवन के संघर्ष और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावशाली संग्रह है। भरखमा पर राजस्थानी फिल्म भी बन चुकी है। डॉ. सोनी की चिराग, रेगमाल, रणखार, यादावरी, आपणा रूंख और म्हारै पांती रा पानी सहित कई कथा-कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।