
Manipur Violence: मणिपुर के सेनापति और इससे सटे कांगपोकपी जिले के इलाको में सोमवार को गोलीबारी और आगजनी की घटनाओं के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया। इस दौरान 36वीं CRPF बटालियन का एक जवान गोली लगने से घायल हो गया, जिसका सेनापति जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।हिंसा के दौरान कई घरों को जलाने और नुकसान पहुंचाने की भी खबर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली आगजनी की घटना तड़के करीब 2:40 बजे ताफू कूकी इलाके में सामने आई। करीब 3:30 बजे दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने दमकल कर्मियों के पहुंचने पर आपत्ति भी जताई।
वहीं सुबह 4 बजे के बाद 9 एमआर और मारेमेई इलाके से भी आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में नगा जनजाति के लोगों के घरों को निशाना बनाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ताफू कूकी में एक घर जला दिया गया, जबकि पोमई नगा बहुल लाई गांव के एक निवासी के घर को गिरा दिया गया। वहीं, पोमई नगा बहुल फुबा गांव में एक अन्य घर भी जलाए जाने की भी खबर सामने आई है।
NDTV ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि स्थिति सुबह करीब 9:20 बजे उस समय और बिगड़ गई, जब पत्रकार घटनास्थल पर जले और क्षतिग्रस्त घरों की तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान इलाके में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई।
इस दौरान 36वीं CRPF के 54 वर्षीय जवान को लियांगमाई ताफू इलाके में गोली लगी। उसे तत्काल सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल जवान ने बताया कि वह यह पता नहीं लगा सका कि गोली किस दिशा से चली, क्योंकि दोनों ओर से फायरिंग होती दिखाई दे रही थी।
इसी बीच, नगा जनजाति के लोगों द्वारा NH-2 इम्फाल-दिमापुर हाईवे को जाम कर दिया। इसके चलते मणिपुर और नागालैंड के बीच प्रमुख सड़क संपर्क प्रभावित हुआ।
ताफू कूकी विलेज अथॉरिटी ने अपने एक बयान में ताफू कूकी के एक ग्रामीण के घर को जलाए और नष्ट किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे निंदनीय, अमानवीय और अस्वीकार्य बताया।
विलेज अथॉरिटी ने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करने और कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही सभी पक्षों से हिंसा, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से दूर रहने की अपील की गई।