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सोनम रघुवंशी को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड, जानिए क्या है यह और इसमें क्या-क्या होगा?

Raja Raghuvanshi Murder Case: आइए जानते हैं कि ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) क्या होती है और इसमें क्या-क्या होता है?
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Jun 10, 2025
Sonam Raghuvanshi
सोनम रघुवंशी केस (फोटो सोर्स: एक्स )

Transit Remand Rules: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder) में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) को गाजीपुर की जिला अदालत ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर शिलांग पुलिस को सौंप दिया है। सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था, और अब उसे मेघालय के शिलांग (Shilong) ले जाया जा रहा है, जहां इस हत्याकांड की गहन जांच होगी। आइए जानते हैं कि ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) क्या होती है और इसके बाद क्या होगा।

क्या होती है ट्रांजिट रिमांड?

ट्रांजिट रिमांड एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें किसी आरोपी को उस स्थान से, जहां उसे गिरफ्तार किया गया है, उस राज्य या स्थान पर ले जाया जाता है, जहां अपराध हुआ है। यह तब जरूरी होता है, जब अपराध और गिरफ्तारी का स्थान अलग-अलग राज्यों में होता है। इस प्रक्रिया में पुलिस को उस राज्य की अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है, जहां आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस अनुमति के तहत एक निश्चित समय सीमा (यहां 72 घंटे) दी जाती है, जिसमें आरोपी को संबंधित राज्य की अदालत में पेश करना होता है। यह कोई सजा नहीं है, बल्कि जांच के लिए आरोपी को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया है।

सोनम रघुवंशी मामले में ट्रांजिट रिमांड का महत्व

सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। यह हत्याकांड मेघालय के शिलांग में हुआ, जहां दोनों हनीमून के लिए गए थे। सोनम को गाजीपुर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया, जहां उसने आत्मसमर्पण किया था। मेघालय पुलिस ने गाजीपुर की अदालत में दलील दी कि सोनम इस मामले की मुख्य आरोपी है और उससे शिलांग में पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने पुलिस की अपील स्वीकार कर सोनम को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया।

ट्रांजिट रिमांड में क्या होगा?

शिलांग ले जाया जाना: मेघालय पुलिस सोनम को गाजीपुर से सड़क मार्ग के जरिए पटना ले गई है। वहां से उसे 10 जून 2025 को दोपहर 3:55 बजे की इंडिगो फ्लाइट से कोलकाता, फिर गुवाहाटी और अंत में शिलांग ले जाया जाएगा।

अदालत में पेशी: शिलांग पहुंचने पर सोनम को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि गहन पूछताछ की जा सके।

पूछताछ और जांच: मेघालय पुलिस सोनम से हत्याकांड के हर पहलू पर पूछताछ करेगी। इसमें यह पता लगाने की कोशिश होगी कि साजिश की शुरुआत कैसे हुई, इसमें और कौन-कौन शामिल थे, और हत्या का मकसद क्या था। पुलिस का दावा है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स के साथ मिलकर इस हत्या की योजना बनाई थी।

अन्य आरोपियों की भूमिका: इस मामले में चार अन्य आरोपियों राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को भी गिरफ्तार किया गया है। इन्हें भी शिलांग ले जाया जा रहा है, जहां सभी से पूछताछ होगी।

क्या था मामला?

राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। शादी के 9 दिन बाद ही दोनों हनीमून के लिए शिलांग गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए, और बाद में राजा का शव वेईसावडॉन्ग वॉटरफॉल के पास एक खाई में मिला। पोस्टमार्टम से पता चला कि राजा की हत्या सिर पर गहरी चोट और धक्का देने से हुई थी। शुरुआत में सोनम ने दावा किया था कि उसे अगवा कर लूट लिया गया, लेकिन जांच में उसकी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में भूमिका सामने आई।

Updated on:
10 Jun 2025 04:33 pm
Published on:
10 Jun 2025 04:33 pm