Monsoon Early Arrival: बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के सिस्टम से मानसून की जल्द एंट्री के संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण भारत और तटीय राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि राजस्थान और गुजरात में लू का असर जारी रहेगा।
Monsoon 2026 Early Arrival India: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ दक्षिण भारत और तटीय राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहीं पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के उत्तरी तट के पास बन रहा कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार मानसून सामान्य समय से पहले दस्तक दे सकता है।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। यहां कम दबाव का सिस्टम बनने से मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है।
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार मौसम की स्थिति को देखते हुए इसके पहले आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक अंडमान सागर, दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मानसून की एंट्री हो सकती है।
मौसम विभाग ने कहा है कि अगले एक सप्ताह तक देश के दक्षिणी, पूर्वोत्तर और तटीय राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहेंगी। कई इलाकों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।
दक्षिण भारत के राज्यों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की भी आशंका जताई गई है।
जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का असर दिखाई देगा, वहीं पश्चिमी राजस्थान और गुजरात में गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक लू और भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा।
हालांकि कुछ जगहों पर आंधी और हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे मौसम में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गर्मी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों के लिए आंधी और बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 13 से 15 मई के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है।