
Fuel Saving Measures By State Governments (AI Image)
PM Modi Fuel Conservation Appeal: ईरान-अमेरिका तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने की मुहीम तेज हो गई है।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपना काफिला काफी छोटा कर लिया है। बुधवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें यह देखा गया कि पीएम की गाड़ी के पीछे सुरक्षा में सिर्फ एक वाहन नजर आया है।
उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब विभिन्न राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार के बाद कई राज्यों ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में कटौती से लेकर वर्चुअल मीटिंग्स, वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। गुजरात, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सरकार स्तर पर ईंधन बचत को लेकर नई तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने पीएम मोदी की अपील पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अपना काफिला आधा कर दिया है और हेलीकॉप्टर का उपयोग बंद करने की घोषणा की है। उन्होंने ईंधन बचत के लिए अन्य कदम भी उठाए हैं।
राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा ने काफिले में न्यूनतम गाड़ियां रखने के निर्देश दिया है। एक रिपोर्ट में 5 गाड़ियों वाला काफिला देखा गया है।
उधर, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी की अपील को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने अपने काफिले में 50 प्रतिशत वाहन की कटौती का ऐलान किया है। वहीं, राज्य स्तर पर व्यापक ऊर्जा संरक्षण उपाय भी शुरू किए हैं। जैसे कि सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' जैसे नियम लागू किए गए हैं।
धामी ने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक विदेश यात्राएं टालें, लोकल/स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं, एक साल तक सोना न खरीदें, प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करें और खाद्य तेल का संयमित उपयोग करें।
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सभी लोगों से डीजल और पेट्रोल बचाने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने खुद अपने काफिले की गाड़ियों में भारी कमी की है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है कि हफ्ते में कम से कम एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए, जिस दिन लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल करने से बचें और इसके बजाय पैदल चलने या साइकिल चलाने को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, सीएम ने सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की है।
नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की अनावश्यक यात्राओं को सीमित करने की तैयारी शुरू कर दी है। बड़े सरकारी कार्यक्रमों, भोज और सेमिनार को कम करने के साथ अब अधिकतर कॉन्फ्रेंस ऑनलाइन आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। सभी मंत्रालयों को ईंधन खपत कम करने के लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया है। गैर-जरूरी घरेलू और विदेशी यात्राओं पर अंकुश लगाने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने और वर्क फ्रॉम होम व हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
गुजरात में राज्यपाल देवव्रत ने साधारण बस और ट्रेन में सफर करने का फैसला लिया है। वहीं केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने पायलट और एस्कॉर्ट वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है। गुजरात विश्वविद्यालय ने भी कर्मचारियों को कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के निर्देश जारी किए हैं।
उत्तरप्रदेश सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधिकारियों और नेताओं के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखने, बड़े कार्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने और 50 फीसदी बैठकों को वर्चुअल करने की तैयारी है। इसके साथ सार्वजनिक परिवहन और बिजली बचत को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों की हवाई यात्राओं पर सख्ती शुरू कर दी है। अब मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना कोई मंत्री विमान का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। सरकार ने अनावश्यक यात्राएं रोकने और कलेक्टरों व कमिश्नरों को बिना जरूरत मुंबई न बुलाने के निर्देश दिए हैं। प्रोटोकॉल के नाम पर अधिकारियों को बेवजह यात्रा के लिए मजबूर नहीं करने की बात भी कही गई है। राज्य में ज्यादातर सरकारी बैठकें अब ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विदेशी दौरे भी रद्द कर दिए हैं। विधायकों ने जापान दौरा रद्द किया है, जबकि मंत्री आशीष शेलार ने फ्रांस में होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में जाने का कार्यक्रम टाल दिया है।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। साथ ही भ्रमण के दौरान वाहन रैली नहीं निकालने और मंत्रियों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों को रायपुर से नवा रायपुर लाने-ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की है, ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम किया जा सके।
ईंधन बचत को लेकर अब निजी कंपनियां भी सक्रिय होती दिखाई दे रही हैं। देशभर की कई कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। आम लोग भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती चिंता के बीच ईंधन बचाने को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
Updated on:
14 May 2026 02:15 pm
Published on:
13 May 2026 02:26 am
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