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CBI डायरेक्टर के चयन पर घमासान: राहुल गांधी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, प्रक्रिया को बताया पक्षपाती

Rahul Gandhi on CBI Selection Committee: राहुल गांधी ने CBI डायरेक्टर के चयन प्रक्रिया को पक्षपाती बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल औपचारिकता तक सीमित किया जा रहा है, जानें क्या है पूरा मामला?

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भारत

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Rahul Yadav

May 12, 2026

Rahul Gandhi Letter to PM Modi

Rahul Gandhi Letter to PM Modi (AI Image)

Rahul Gandhi Letter to PM Modi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई डायरेक्टर चयन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और विपक्ष को केवल औपचारिकता तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि वह पक्षपाती प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से समझौता नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि सीबीआई जैसी देश की प्रमुख जांच एजेंसी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल संस्थागत दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सदस्य के तौर पर अपनी असहमति दर्ज करा रहे हैं, जिसका गठन अगले सीबीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें चयन प्रक्रिया में कोई सार्थक भूमिका नहीं दी गई है।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने कई बार लिखित रूप से अनुरोध किया, लेकिन उन्हें उम्मीदवारों की सेल्फ-अप्रेजल रिपोर्ट और 360 डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने दावा किया कि बैठक के दौरान पहली बार 69 उम्मीदवारों के अप्रेजल रिकॉर्ड देखने के लिए कहा गया, जबकि विस्तृत समीक्षा के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से उपलब्ध नहीं कराए गए।

उनका कहना था कि जरूरी जानकारी छिपाने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और ऐसा लगता है कि पहले से तय उम्मीदवार को चुनने की तैयारी की जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष रबर स्टाम्प नहीं है…

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि चयन समिति से जरूरी जानकारी छिपाकर पूरी प्रक्रिया को सिर्फ औपचारिकता बना दिया गया है। उन्होंने लिखा, ''लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कोई रबर स्टाम्प नहीं है। मैं इस पक्षपाती प्रक्रिया में हिस्सा लेकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 5 मई 2025 की पिछली बैठक में भी अपनी असहमति दर्ज कराई थी। इसके अलावा 21 अक्टूबर 2025 को उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए थे, लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं मिला।

CBI चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल

राहुल गांधी के इस पत्र के बाद अब CBI डायरेक्टर चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जांच एजेंसियों के कामकाज में पारदर्शिता नहीं रख रही, जबकि सरकार लगातार प्रक्रिया को नियमों के अनुसार बताती रही है।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि चयन समिति को जरूरी जानकारी न देना लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को कमजोर करता है। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि वह इस पूरी प्रक्रिया से मजबूत असहमति जताते हैं। राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि वह इस पूरी प्रक्रिया का कड़े शब्दों में विरोध करते हैं।

राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार

राहुल गांधी की चिट्ठी सामने आने के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस इसे संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़ा मामला बता रही है जबकि बीजेपी की ओर से अब तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

CBI डायरेक्टर की नियुक्ति हमेशा से संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष की ओर से चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाना आने वाले दिनों में राजनीतिक और संवैधानिक बहस को और तेज कर सकता है।

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