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Monsoon Alert: सूरज ने दिखाए तेवर, घर से निकलना मुश्किल, जानिए कब मिलेगी प्रचंड गर्मी से राहत

Monsoon Weather Update: भारत में कहीं महागर्मी है, तो कहीं तूफान का कहर बरस रहा है। हालांकि मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश (Rains) होगी। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सूरज के तीखे तेवर से स्थिति ज्यादा विकराल रही। इस भीषण गर्मी से कब राहत मिलेगी। आइए जानते हैं-

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Monsoon Weather Updates: देश के कई राज्य सोमवार को भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सूरज के तीखे तेवर से स्थिति ज्यादा विकराल रही। एसी, कूलर व पंखे भी जवाब दे गए। गर्मी से बचने के लिए लोग सुबह से ही अपने घरों में कैद रहे। जो लोग बाहर थे, वह छाया की तलाश में दिखे। सुबह से ही गर्म हवा के थपेड़े चलते रहे। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी मानसून पूर्व भविष्यवाणी में यह खुश खबर दी कि इस बार सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। राजस्थान में पारा 50 डिग्री के करीब पहुंचा रहा तो राजधानी दिल्ली भी रिकॉर्ड 48 डिग्री तक तपती रही।

40 से 50 डिग्री तक पहुंचा पारा

IMD प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, राजस्थान और गुजरात में 9 से 12 दिन तक गर्म हवाएं चलीं और तापमान 45-50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। महापात्र ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण तीन दिनों के बाद देश के उत्तर-पश्चिम और मध्य भागों में लू से राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर-पश्चिम भारत में कुछ गरज के साथ बारिश हो सकती है और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि दिल्ली, दक्षिणी हरियाणा, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में पांच-सात दिन लू चली, तथा अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। असम में भी 25-26 मई को रेकॉर्ड तोड़ तापमान के साथ भीषण गर्मी का प्रकोप रहा। महापात्रा ने कहा कि उत्तर भारत में आए पांच पश्चिमी विक्षोभों में से केवल दो ही सक्रिय थे।

तीन दिन की रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहा। चार साल बाद 27 मई के दिन पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा है। इससे पहले 2020 में इस दिन अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। महापात्रा ने मई के उत्तरार्ध में उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य क्षेत्र के कुछ भागों में भीषण गर्मी के लिए वर्षा की कमी, अधिक शुष्क और गर्म हवाओं तथा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और पड़ोसी गुजरात के ऊपर एक विपरीत चक्रवाती सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया।

गर्मी से मिलेगी राहत

- आइएमडी ने कहा कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण तीन दिन के बाद देश के उत्तर-पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

- दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ रहा है और 31 मई को केरल पहुंचेगा, जो कि सामान्य तिथि 1 जून से एक दिन पहले है। इसके पांच दिनों में मानसून पांडिचेरी और तमिलनाडु के इलाकों को भी कवर कर लेगा।

- आइएमडी ने कहा कि जून में उत्तर-पश्चिम भारत और उसके आसपास के मध्य क्षेत्र के भागों में अधिक संख्या में गर्म हवाएं चलने की संभावना है।

Updated on:
28 May 2024 09:13 am
Published on:
28 May 2024 08:23 am
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