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कौन हैं रोहन पारेख? मुंबई PMO फर्जी पहचान मामले में जिस पर केस हुआ दर्ज

Rohan Parekh PMO Officer Jio World Plaza: मुंबई के जियो वर्ल्ड प्लाजा में PMO अधिकारी बनकर प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में 24 वर्षीय रोहन पारेख और उसके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि पारेख के वकील का दावा है कि वह खुद भी फर्जीवाड़े का शिकार हो सकता है।
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Updated: 9 Sep 2026, 2:08 PM IST
Rohan Parekh Dilip Kunde arrest
रोहन पारेख को पुलिस ने किया गिरफ्तार (Photo-IANS)

Rohan Parekh Fake PMO Officer: मुंबई के जियो वर्ल्ड प्लाजा में कथित तौर पर पीएमओ अधिकारी बनकर प्रवेश करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 24 वर्षीय रोहन पारेख समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पारेख एक हीरा कारोबारी का बेटा है। उन्होंने ब्रिटेन के एक विश्वविद्यालय से गणित और भौतिकी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।हालांकि, उसके वकील ने अदालत में दावा किया है कि संभव है कि रोहन खुद भी एक कथित फर्जीवाड़े का शिकार हुआ हो।

बता दें कि यह सुरक्षा उल्लंघन उस समय सामने आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार शाम 7वें ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में शामिल होने का कार्यक्रम था। जियो वर्ल्ड प्लाजा उसी परिसर का हिस्सा है, जहां जियो कन्वेंशन सेंटर  स्थित है। मामले में तीसरे व्यक्ति की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, रोहन पारेख जियो वर्ल्ड प्लाजा पहुंचा। उसके साथ दो अन्य लोग भी थे। प्रवेश के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने एक व्यक्ति के पास हथियार देखा, जिसके बाद तीनों को रोक लिया गया।

पुलिस का कहना है कि पारेख ने खुद को PMO का अधिकारी बताया और अपने मोबाइल फोन पर एक कथित पहचान पत्र दिखाया। इसके बाद उसे परिसर में प्रवेश की अनुमति मिल गई।

वहीं, हथियार लेकर आए व्यक्ति ने खुद को विशेष सुरक्षा समूह (SPG) का सदस्य बताया। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने उसे और उसके साथ मौजूद तीसरे व्यक्ति को रोक लिया। कुछ ही मिनट बाद पारेख भी परिसर से बाहर आ गया और तीनों वहां से चले गए।

मर्सिडीज कार से मिला सुराग

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पारेख और उसके साथियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच की। फुटेज में तीनों को एक मर्सिडीज कार से आते हुए देखा गया।

कार के रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच के बाद पुलिस पारेख तक पहुंची। वाहन खार निवासी रोहन प्रेमल पारिख के नाम पर पंजीकृत बताया गया है। इसके बाद पुलिस की एक टीम खार वेस्ट स्थित उसके आवास पर पहुंची और उसे हिरासत में लिया।

पारेख ने पुलिस को बताया कि उसके साथ मौजूद लोगों में से एक उसका दोस्त प्रथमेश बागुल था, जबकि दूसरा व्यक्ति दिलीप कुंडे उसका बॉडीगार्ड था। पुलिस ने कुंडे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 26 वर्षीय बागुल की तलाश जारी है।

बॉडीगार्ड के पास से रिवॉल्वर और कारतूस बरामद

पुलिस के मुताबिक, दिलीप कुंडे नासिक का रहने वाला सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी है और पारेख के पिता के लिए बॉडीगार्ड के तौर पर काम करता है। उसके पास एक लाइसेंसी हथियार भी था।

पुलिस ने कुंडे के पास से एक रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। रोहन पारेख और दिलीप कुंडे को अदालत ने 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

PMO से जुड़ाव का दावा क्या है?

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पारेख के PMO अधिकारी होने के दावे और कुंडे के SPG सदस्य होने के दावे की जांच कर रही हैं।

पारेख के वकील ने अदालत में दावा किया कि करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात तरुण कपूर नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। कथित तौर पर कपूर ने उसे PMO में नौकरी दिलाने की पेशकश की थी और इसके लिए 68,000 रुपये मासिक वेतन का प्रस्ताव दिया था।

वकील के अनुसार, पारेख को बताया गया था कि वह PMO में रक्षा नीति से जुड़े काम करेगा। उसे प्रधानमंत्री के कथित हस्ताक्षर वाला एक पत्र और PMO का एक डिजिटल पहचान पत्र भी मिला था।

‘रोहन खुद भी हो सकता है ठगी का शिकार’

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पारेख की वकील आनंदिनी फर्नांडिस ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को संभवतः किसी व्यक्ति ने धोखा दिया है। उनका कहना था कि पारेख को PMO में नौकरी और उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेज कथित तौर पर उपलब्ध कराए गए थे, जिसके आधार पर वह खुद को PMO से जुड़ा मानता रहा।

हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पारेख का PMO से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं, कथित दस्तावेज कहां से आए और इस पूरे घटनाक्रम में उसके साथ मौजूद दोनों लोगों की क्या भूमिका थी।

Updated on:
9 Sep 2026, 2:08 PM IST
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