
मैथ्यू आरोन वैनडाइक के खिलाफ UAPA हटाने पर विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल (Photo-ANI/IANS)
Matthew VanDyke UAPA: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक के खिलाफ UAPA की धाराएं आरोपपत्र से हटाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने मोदी सरकार को इस मामले में घेरा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर सवाल उठाया है।
कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि यदि अमेरिका-भारत के बीच उच्चस्तरीय बैठकों के बाद वैनडाइक के खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी धाराएं हटाई गई हैं, तो सरकार को देश के सामने इसकी वजह स्पष्ट करनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि अगर ये रिपोर्ट सही हैं कि उच्चस्तरीय भारत-अमेरिका बैठकों के बाद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी धाराएं हटा दी गईं, तो मोदी सरकार को भारत को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यदि वैनडाइक को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश, सशस्त्र समूहों से कथित संबंध और ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, तो बाद में ये आरोप अचानक कैसे हट गए?
वहीं हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सरकार इतनी कमजोर क्यों है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी दबाव में आकर इस मामले में UAPA जैसे गंभीर आतंकवाद विरोधी कानून के आरोप क्यों हटा दिए?
ओवैसी ने आगे कहा कि FIR में अभी भी UAPA का जिक्र है, लेकिन संबंधित व्यक्ति को आसानी से भारत से बाहर जाने देने के लिए उस पर UAPA के तहत आरोप नहीं लगाए गए। अब उसके खिलाफ सिर्फ अप्रवासन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत मामले रह गए हैं।
ऐसा लगता है कि अगर कोई विदेशी सरकार दबाव बनाए तो सरकार गंभीर आरोप भी हटा सकती है। दूसरी ओर, भारत में हजारों लोगों पर गलत मामले लगाए जाते हैं और वे वर्षों तक जेल में रहते हैं।
दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने करीब 180 दिन की जांच के बाद मंगलवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में UAPA की धाराएं नहीं लगाईं।
मामला शुरुआत में मार्च 2026 में UAPA की धारा 18 के तहत दर्ज किया गया था। यह धारा आतंकी साजिश से संबंधित है। इसके साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं भी लगाई गई थीं।
NIA की जांच कथित तौर पर इस आरोप से जुड़ी थी कि सातों आरोपी म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों को समर्थन और प्रशिक्षण देने में शामिल थे और इन गतिविधियों को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था।
मामले में वैनडाइक के अलावा यूक्रेन के हुरबा पेट्रो, स्लिव्याक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर आरोपी बनाए गए हैं।
मैथ्यू वैनडाइक को 13 मार्च 2026 की रात नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 17 मार्च को उसे 11 दिन की NIA हिरासत में भेजा गया था। वह करीब 180 दिनों तक जेल में रहा।
Updated on:
9 Sep 2026, 11:50 AM IST
Published on:
9 Sep 2026, 11:50 AM IST
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