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Punjab Politics: पंजाब में भी जीत के लिए बीजेपी अपनाएगी अपना ‘सुपरहिट’ फार्मूला

Punjab Politics: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी महिलाओं को आर्थिक सहायता वाली योजनाओं के जरिए साधने की रणनीति पर काम कर रही है। शिवराज सिंह चौहान का ‘लाडली बहना’ मॉडल पार्टी के लिए अहम हथियार बन सकता है।
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नायाब सिंह सैनी, शिवराज सिंह चौहान और भगवंत मान। फोटो सोर्स-IANS

Punjab Politics: पंजाब को अगले साल विधानसभा चुनाव से गुजरना है और भाजपा ने अपनी खास रणनीति तैयार कर ली है। ये वो रणनीति है, जिसने पार्टी को पहले मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत दिलाई। बीजेपी के लिए  इस रणनीति के जन्मदाता हैं – शिवराज सिंह चौहान चौहान के इस मास्टर स्ट्रोक को समझने के लिए थोड़ा पीछे चलना होगा। साल 2023 मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी। भाजपा का पलड़ा कमजोर नजर आ रहा था, कांग्रेस उत्साहित और आत्मविश्वास के भरपूर थी। बीजेपी नेताओं को भी यह लगने लगा था कि इस बार हालात अच्छे नहीं हैं। फिर शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी में एक घोषणा की और सबकुछ पलट गया, वे पैंतरा था लाडली बहना योजना यानी महिलाओं को हर महीने 1200 रुपए की आर्थिक सहायता।   

महाराष्ट्र से हरियाणा तक

इस योजना का चुनाव में ऐसा जादू चला कि विपक्ष के अनुमान और आत्मविश्वास हवा हो गया। बीजेपी बड़ी जीत के साथ सत्ता में लौटी। 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में नए नाम के साथ इस योजना को फिर टेस्ट किया गया और परिणाम फिर वही रहे – बड़ी जीत।लाडकी बहीण योजना ने कांग्रेस-शिवसेना सहित विपक्ष के सपनों पर पानी फेर दिया। इसके बाद से लाडली बहना योजना बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा बन गई। अलग-अलग राज्यों में नाम भले ही अलग रखे गए, लेकिन योजना का मर्म एक ही रहा – महिलाओं को आर्थिक सहायता। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने महिलाओं को आर्थिक सहायता का वादा किया और जीत के बाद ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ के जरिए उसे निभाया। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2,100 दिए जाते हैं।

बंगाल में चला जादू

ममता बनर्जी का किला ढहाने में भी इस रणनीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पश्चिम बंगाल में ‘कमल’ खिलाना आसान नहीं था और ये बात बीजेपी नेतृत्व को भी अच्छे से पता था। ममता के खिलाफ भले ही जनता में गुस्सा था, लेकिन महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में लाना बड़ी चुनौती। इसलिए भाजपा ने दो काम किए। पहला – महिला सुरक्षा को मुद्दा बनाया, उन्हें भरोसा दिलाया कि भाजपा राज में महिलायें सुरक्षित रहेंगी। दूसरा – उन्हें आर्थिक सहायता का वादा भी किया। नतीजा – महिलाओं ने पहले के मुकाबले इस बार भाजपा को बढ़-चढ़कर वोट दिया। 'पोल्समैप' के पोस्ट-पोल आंकड़े बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में महिला मतदाताओं का रुझान ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस+ के पक्ष में 47% और बीजेपी के पक्ष में 42% रहा। जबकि साल 2021 में महिलाओं का वोट TMC के पक्ष में कहीं ज्यादा था। इसका सीधा मतलब है कि आर्थिक सहायता के वादे ने अपना काम किया।

पंजाब में बीजेपी को उम्मीद

अब भाजपा, शिवराज सिंह चौहान के मास्टर स्ट्रोक को पंजाब में भी आजमाने की तैयारी में है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिछले 11 महीनों में पंजाब में करीब 90 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इसी के साथ उनकी सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा भी बढ़ाया है। इसके तहत पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है। हरियाणा के भाजपा नेताओं का मानना है कि इस कदम से पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी को बढ़त मिल सकती है। पंजाब के मतदाता इससे आकर्षित हो सकते हैं, क्योंकि वो चाहेंगे कि ऐसी योजना उनके राज्य में भी लागू हो। भाजपा लाड़ली बहना या कहें कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना की काट के रूप में पेश करेगी। पंजाब सरकार की इस योजना के तहत महिलाओं को 1,000, 1500 रुपये की मासिक सहायता दी जाती है। बीजेपी नेताओं का मानना है कि इससे पंजाब में राजनीतिक बहस जन्म लेगी, जहां महिला मतदाता एक महत्वपूर्ण चुनावी वर्ग हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में पंजाब में महिला मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ के आसपास थी। पंजाब की महिलायें मतदान में आगे रही हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में 79.2 प्रतिशत महिलाओं ने अपना मताधिकार का प्रयोग किया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 77.8% और महिलाओं को इससे ज्यादा 78.9 प्रतिशत रहा था। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भी महिलायें मतदान में आगे रही थीं। उनका वोटिंग प्रतिशत 79.2% जबकि पुरुषों का 78.9% था।

बिंदुडेटा/आंकड़ा
पंजाब में नायब सिंह सैनी के कार्यक्रमपिछले 11 महीनों में करीब 90 कार्यक्रम
लाडो लक्ष्मी योजना की पुरानी आय सीमा₹1 लाख सालाना पारिवारिक आय
लाडो लक्ष्मी योजना की नई आय सीमा₹1.80 लाख सालाना पारिवारिक आय
पंजाब सरकार की महिला सहायता योजनामुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना
महिलाओं को मासिक सहायता₹1,000–₹1,500
2022 में पंजाब की महिला मतदाता संख्याकरीब 1 करोड़
2019 लोकसभा चुनाव में महिला मतदान79.2%
2012 विधानसभा चुनाव में पुरुष मतदान77.8%
2012 विधानसभा चुनाव में महिला मतदान78.9%
2017 विधानसभा चुनाव में पुरुष मतदान78.9%
2017 विधानसभा चुनाव में महिला मतदान79.2%

AAP ने की थी शुरुआत

2022 के चुनाव में सबसे पहले आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को 1000 रुपए की आर्थिक सहायता का वादा किया। दिल्ली में पार्टी अपने वादे पूरे कर रही थी, इसलिए पंजाब की महिलाओं ने उस पर यकीन किया और झोली भर के वोट दिए। इस बार भाजपा महिलाओं का भरोसा जीत सकती है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में वो आर्थिक सहायता का अपना वादा निभा रही है। ऐसे में उसके लिए महिला मतदाताओं को यह समझाना आसान है कि वो ऐसी योजना को ज्यादा प्रभावी ढंग से चला सकती है और सहायता राशि भी ज्यादा मिलेगी। बाकी असल तस्वीर तो चुनाव बाद ही पता चलेगी, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के मास्टर स्टोर के स्ट्राइकिंग रेट को देखकर यही लगता है कि पलड़ा भाजपा के पक्ष में झुक सकता है।